Wednesday, 22nd November 2017

गूगल की बकरी और गोलबाजार के सूअर

Sun, Dec 25, 2016 11:30 PM

                                                                                           

                                     
 
 
                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                              

 

 

 

                                                                                                                                       राकेश श्रीवास  

गूगल नेअपने मुख्यालय के लान की घास की  सफाई के लिए मनुष्य को नहीं बल्कि 200 बकरियों को नॉकरी पर रखा है और गूगल बकरियों के मालिक को तनख़ा भी देते है ! बकरिया समय समय पर आती हैं लान की घास चरती (खाती) है जिससे गूगल का आंगन साफ हो जाता है !

गूगल को इस  योजना का कांसेप्ट कान्हा से मिला होगा ये एक बड़ा सबाल है ..... हमें लगता है जबलपुर से गोलबाजार से गूगल ने ये कांसेप्ट (विचार) लिया होगा !
ये कांसेप्ट शायद हमारी नगर निगम का है !
सैकड़ो की तादाद में सूअर गोलबाजार और रानीताल के इलाके में रहते है और इलाके की साफ सफाई करते है ! सूअर मुख्यता गंदगी का भक्षण करते है
जंहा गंदगी नहीं होगी सूअर का उस इलाके में निवास करना लगभग असंभव सा है !
हमारे यंहा पुराणों में भी वर्णित है कि जब हिरण्याक्ष पृथ्वी को चुराकर रसातल में कीचड़ में ले गया था तब भगवान् ने वराह का अवतार लेकर गन्दी का भक्षण कर पृथ्वी को वापस लाये थे ! सूअर साफ सफाई करते हैं लेकिन कोई तनख़ा उन्हें नहीं मिलती हैं  ! ये ज़रूर है कि हमारी नगर निगम और हम सब उनके रहने लायक वातावरण बनाये रखते है और पर्याप्त मात्रा में उनके खाने लायक गंदगी बनाये रखते हैं। 
गूगल के कार्यालय में जिस तरह का वातावरण है और जिस तरह के लोग रहते हैं  वैसे ही लोग हमारे गोलबाजार के इलाके में रहते है इससे भी बड़ी बात की इस इलाके में चारो और अस्पताल है जंहा साफ सफाई की ज़्यादा ज़रूरत होती ......
गोलबाजार के मुख्य दरबाजे की तरफ खड़े होकर आप देखेंगे। तो आपको पैदल पथ  के पीछे नाला नज़र आता है जो गंदगी से पटा पड़ा है बड़ा सवाल ये है कि इस पॉश इलाके में इतनी गंदगी कंहा से आ रही है !
 
गोलबाजार का सारा पैदल पथ आवासीय स्थल और व्यपारिक क्षेत्र बन गया है   !
मुख्य दरवाजे के दोनों ऒर चाट के और खाने के ठेले लगे है जो अपनी सारी गंदगी नाले में डालते हैं जिसे सूअर साफ़ करते है वो भी मुफ्त में .....थोड़ा सा बाएं चलते है तो एमएच वाली सड़क से ही तंबुओं का नज़ारा शुरू हो जाता है जिसमे कई पति पत्नी अपने बच्चों के साथ वर्षों से रह रहे है !  अपनी दैनिक क्रियाएं सम्पादित करते है  पीछे नाले में जिसे सूअर साफ करते है वो भी मुफ्त में....
थोड़ा सा और आगे चलते है तो hdfc बैंक के सामने खाना बनाने वाले दिन रात वंही रहते है और निर्धन लोगों को सस्ते में खाना ख़िलाते है और जो कचरा होता है उसे सूअर साफ करते है ....वो भी मुफ्त में ...
थोड़ा सा और आगे चलते है तो एक परिवार मिटटी के बर्तनों की दुकान खोले है  और वंही अपनी सारी दैनिक क्रियाएं करता है  जो गन्दगी होती है उसे सूअर साफ करते है वो भी मुफ्त में  .. सैकड़ो लोग गोल बाजार में रात दिन रहते है जो अस्पताल में इलाज़ करने आते है वो भी अपनी दैनिक क्रियाएं शौच से लेकर खाना बनाने तक का काम वंही करते है उसके बाद उसे सूअर साफ करते हैं  ताकि हम बीमार न पड़े
हमें लगता है कि सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में जो शिद्दत से जुड़े है वो  है गोलबाजार के सूअर लेकिन न उन्हें पहचान मिल रही न सम्मान न ही उनकी खबर मीडिया में है 
जब गूगल की घास की सफाई करने वाली बकरियों को तनखाह मिल सकती है और सारे संसार में पहचान तो हमारे गोलबाजार के प्राकृतिक सफाई कर्मी सूअरों को भी थोड़ा मान तो मिलना ही चाहिए ....बस यही सोचकर लिख दिया.... वैसे ये चावल की हांड़ी का एक चावल मात्र है .....?
                                        
                                                                                             (लेखक वरिष्ठ  पत्रकार  एवं सामिजिक चिंतक हैं !)
 

 

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

34 %
9 %
57 %
Total Hits : 77568