Friday, 24th November 2017

इलाहाबाद में एबीवीपी की गुंडागर्दी

Wed, Dec 7, 2016 9:33 PM

इलाहाबाद में एबीवीपी अब पूरी तरह से गुंडों का गिरोह बनता जा रहा है। इसकी मिसाल देखने को मिली 6 दिसंबर अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर, जब एबीवीपी ने अंबेडकरवादियों के जुलूस पर हमला कर दिया और जुलूस में शामिल लोगों की पिटाई की। अंबेडकरवादियों की एकता को अपने लिए खतरा मानकर एबीवीपी ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी परिसर में तो अंबेडकरवादियों पर हमला किया ही, साथ ही देश में कई जगहों पर भी ऐसी ही कोशिशें की।

इलाहबाद में आइसा का अंबेडकर पर कार्यक्रम भी एबीवीपी ने नहीं होने दिया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने अंबेडकरवादियों की पिटाई की और उनके पोस्टर फाड़ दिए। अंबेडकरवादियों के लिए जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। घटना में घायल कई छात्र अब भी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।पुलिस पूरे मामले को  महज छात्रों का आपसी टकराव बता रही है। 

एबीवीपी लंबे समय से अंबेडकरवादियों को अपनेे लिए खतरा मानकर ऐसे कार्यक्रमों को रोकती रही है और तोड़फोड़ करती रही है। इस बहाने एससी, एसटी और ओबीसी के छात्र-छात्राओं के प्रति अपने जातीय वैमनस्य को उजागर करती रहती है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व उपाध्यक्ष शालू यादव ने घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि अंबेडकरवादियों पर हमला आरएसएस और भाजपा का दिखावे के अम्बेडकर प्रेम की सच्चाई है। एक तरफ आरएसएस और ब्राह्मणवादियों ने बुद्ध को दसवां अवतार घोषित करके उन्हें हड़पने की कोशिश की थी, और यही वे अंबेडकर के साथ कर रहे हैं, लेकिन उनके मन का जहर दब नहीं पाता इसलिए वो अंबेडकर पर होने वाले कार्यक्रमों में तोड़फोड़ कर बैठते हैं।

हालाँकि एबीवीपी के विरोध और गुंडागर्दी के बावजूद देश भर में अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण पर खूब जोर शोर से कार्यक्रम हुए। कई राजनितिक पार्टियों के नेताओं ने अंबेडकर की प्रतिमाओं पर  फूल-मालायें चढ़ाईं।

अम्बेडकर की खुले मंचों से अवहेलना करने वालों और पाठ्यक्रमों से अम्बेडकर को निकाल फेंकने की पुरजोर कोशिश करने वालों ने भी अम्बेडकर को याद किया और दलित वोटबैंक पर सेंध मारने के राजनैतिक लीलायें की।

शालू यादव ने कहा है कि आरएसएस अपने मुख्यपत्र पाञ्चजन्य में अम्बेडकर को 'समरसता के नायक' लिख रहा है और लम्बे समय से अम्बेडकर की किडनैपिंग करने की कोशिश में लगा है। उसके एक प्रमुख नेता ने अम्बेडकर के निधन के पश्चात उन्हें 'हिन्दुओं का महान नेता' कहा था, ये जानते हुए भी की अम्बेडकर बुद्ध धम्म ग्रहण कर चुके थे।

अमर उजाला की खबर के अनुसार मंगलवार देर शाम कैंडल जुलूस के दौरान छात्रों के दो गुट भिड़ गए। जुलूस में शामिल छात्र ईश्वर डिग्री कॉलेज से लल्ला चुंगी, छात्रसंघ भवन होते हुए पीसीबी हॉस्टल के सामने नारेबाजी करते जा रहे थे तभी दूसरे गुट के छात्रों ने हॉस्टल से बाहर आकर विरोध किया। छात्रों में मारपीट के बाद पथराव होने लगा। भगदड़ मच गई। एक गुट भारी पड़ा तो दूसरे गुट को भागना पड़ा। जुलूस निकाल रहे छात्रों ने मारपीट के बाद लल्ला चुंगी पर पथराव और फायरिंग कर दुकानें बंद करा दीं। भारी बवाल की सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ एसएसपी और एसपी सिटी भी वहां पहुंच गए। विश्वविद्यालय के आसपास नाकेबंदी कर दी गई। बवाल में दो छात्र जख्मी हैं।

विवाद बढ़ता देख एसएसपी शलभ माथुर, एसपी सिटी विपिन टाडा, सीओ कर्नलगंज दुर्गा प्रसाद तिवारी, सीओ आलोक मिश्र, समेत कई थानों की फोर्स पहुंच गई।  पुलिस फोर्स ने लाठियां पटक उपद्रवी छात्रों को खदेड़ा। छात्रों के दो गुटों के बीच तनाव को देखते हुए लल्ला चुंगी, बैंक रोड, केपीयूसी, जीएन झा, लक्ष्मी टॉकीज के पास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पथराव में घायल विधि छात्र वीरेंद्र कुमार और मृत्युंजय कुमार अस्पताल भर्ती है। इसके अलावा छह छात्र मामूली रूप से जख्मी हुए।

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saurabh

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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ABVP को तगड़ा झटका लगा। कांग्रेस की स्टूडेंट विंग NSUI ने जबरदस्त जीत हासिल की है। http://www.khabarnonstop.com/2017/09/13/dusu-election-nsui-wins-3-posts/

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