Friday, 24th November 2017

नवजात बच्चे बेचता था ये भाजपा नेता

Fri, Dec 2, 2016 2:07 PM

- महेंद्र नारायण सिंह यादव -

नोटबंदी और संसद में हंगामे की खबरों के बीच  पश्चिम बंगाल में बच्चो की तस्करी के अन्तराष्ट्रीय रैकेट में भारतीय जनता पार्टी के नेता डॉ दिलीप घोष की गिरफ्तारी की खबर मीडिया ने दबाने की नाकाम कोशिश की है। नामी डॉक्टर और भाजपा का रसूखदार नेता डॉ दिलीप घोष को उत्तरी 24 परगना जिले से सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। डॉ दिलीप घोष भाजपा के टिकट पर मेयर का चुनाव लड़ चुका है।

दिलीप घोष पार्टी के प्रदेश स्तर के नेताओं में शुमार किया जाता है। वर्तमान में वह राज्य भाजपा के चिकित्सक प्रकोष्ठ का प्रभारी है।

सीआईडी ने इस तस्करी के मामले में तीन बच्चे भी बरामद किए हैं जो दक्षिण 24 परगना के फालता में एक झाड़ी में रखे हुए थे। भाजपा नेता डॉ दिलीप घोष इन बच्चों की तस्करी करने वाला था।

घटना के बाद से भाजपा के खिलाफ राज्य भर में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और सीपीएम ने इस घटना को भाजपा का असली चरित्र बताया है। 

इसके पहले पश्चिम बंगाल सीआईडी ने 21 नवंबर को राज्य में चल रहे अंतराष्ट्रीय बाल तस्करी रैकेट का खुलासा किया था। पूछताछ में जब पता चला कि इस रैकेट में भाजपा के बड़े नेता समेत कई रसूखदार लोग शामिल हैं तो सीआईडी के भी हाथ-पाँव फूल गए।इस रैकेट में सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टरों, वकील और कारोबारी लोग शामिल थे।

रैकेट में गिरफ्तार किये गए भाजपा नेता दिलीप घोष से यह बात साफ़ हो गई है की इस रैकेट में और भी बड़े नाम जुड़े होने की संभावना है। सीआईडी के एक अधिकारी ने बताया कि भाजपा नेता दिलीप घोष और नित्यानंद विश्वास को 30 नवंबर की रात सीआईडी ने बच्चो की तस्करी के रैकेट में शामिल होने पर गिरफ्तार किया था।

भाजपा के कई प्रादेशिक और राष्ट्रीय नेताओं से अच्छे और करीबी ताल्लुक रखने वाला डॉ दिलीप घोष सरकारी आर जी कार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में काम कर चुका है, और सीआईडी के अनुसार ये और इसके साथी इस कारोबार में लंबे समय से शामिल हैं। बाल तस्करी गिरोह में ये बहुत अहम भूमिका निभाते हैं।

डॉ दिलीप घोष की गिरफ्तारी के बाद भाजपा में हड़कंप मच गया है। कई बड़े नेताओं को भी आशंका है कि कहीं उनका नाम भी दिलीप घोष से जुड़े होने के कारण सामने न आ जाए। भाजपा की पश्चिम बंगाल इकाई ने हड़बड़ी में तुरंत आरोपी नेता दिलीप घोष को निलंबित कर दिया। डॉ घोष अपने रसूख के दम पर  पिछले साल 2015 में बीजेपी के टिकट पर साल्टलेक विधान नगर नगर निगम के मेयर का चुनाव मौजूदा मेयर सव्यसाची दत्त के खिलाफ चुनाव लड़ चुका है, लेकिन इलाके में कुख्यात होने के कारण वह हार गया था।

बाल तस्करी गिरोह के आरोपी डॉ दिलीप घोष को टिकट देने का कुछ स्थानीय भाजपाइयों ने विरोध भी किया था, लेकिन बड़े नेताओं के समर्थन के कारण उसे टिकट मिल गया था। विरोधियों ने आरोप लगाया था कि राज्य भाजपा के एक बड़े नेता को मोटी रकम देकर डॉ दिलीप घोष ने टिकट हासिल किया था।

भाजपा नेता डॉ दिलीप घोष की मदद से नवजात शिशुओं को अस्पताल से गायब किया जाता था और फिर बच्चों के नाम पर एनजीओ चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्त्ता इन बच्चों को बेच देते हैं। इस रैकेट से जुड़े 15 आरोपियों को कोलकाता सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

सीआईडी सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता डॉ दिलीप घोष कॉलेज स्क्वायर इलाके के श्रीकृष्ण नर्सिंग होम से जुड़ा हुआ है। बाल तस्करी गिरोह में पकड़े गए एक और डॉ संतोष कुमार सामंत से पूछताछ में इसका नाम सामने आया था। मंगलवार की रात सीआईडी ने इसको पूछताछ के लिए बुलाया था जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

डॉ दिलीप घोष का संबंध उत्तरी 24 परगना जिले के बादुड़िया इलाके में स्थित सोहन नर्सिंग होम से भी है। साल्ट लेक ग्रीन वर्ज घोटाले में भी इसका नाम आया था।

अपनी पार्टी के नेता की शर्मनाक काम में गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल राज्य भाजपा के अध्यक्ष और आरोपी के हमनाम दिलीप घोष ने कहा है- "डॉ दिलीप घोष पार्टी के सदस्य हैं, और विधाननगर नगर निगम का चुनाव लड़ चुके हैं। वो जाँच में सहयोग करने को तैयार हैं। अधिकारियों ने बताया है कि उन्होंने बच्चों की तस्करी गिरोह में शामिल होने के आरोपों को नकार दिया है। उन्हें मामले में क्लीन चिट मिलने तक पार्टी के सारे पदों से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने निजी जीवन में जो कुछ किया है, उससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है। "

अन्य खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें- ममता बनर्जी को मारने की साजिश!

ओबीसी आरक्षण पर मोदी सरकार की करारी चोट

फ्री में आलू बाँटने पर मजबूर हुए किसान

 

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

34 %
10 %
56 %
Total Hits : 77699