Monday, 25th September 2017

बुन्देलखण्ड के अन्ना पशु और तालाब अतिक्रमण का मुद्दा दिल्ली में जोर से उछला

Wed, Nov 30, 2016 12:38 AM

अन्ना पशुओँ और भू-माफियाओं द्वारा बुन्देलखण्ड के तालाबों पर कब्ज़े का मुद्दा देश की राजधानी में जोरदार ढंग से उछला। इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर में बाँदा मूल के नसीर अहमद सिद्दीकी ने जोरदार तरीके से अपनी बात रखी। बुन्देलखण्ड में काम कर रही 'डेवलपमेंट ऑल्टरनेटिव' एन.जी.ओ के प्रेजिडेंट श्री जॉर्ज सी वर्गीज़ से नसीर की तीखी बहस भी हुई।

 वर्गीज़ बुन्देलखण्ड के झाँसी-ललितपुर इलाके में काम कर रहे है. बुंदेलखंड में बकरी पालन हेतु असहमति दिखा रहे थे. उनका कहना था की बकरियां खेतों को चर कर फसलों को भारी मात्रा में हानि पहुँचाती  हैं. कार्यक्रम आयोजक श्री एस.रामादोरई चेयरमैन इंडियन एसोसिएशन फॉर थे क्लब ऑफ़ रोम भी वर्गीज़ के पक्ष में दिखे। इससे पूर्व श्री संजय सिंह ने तरुण भारत संघ द्वारा बुंदेलखंड में किये गए कार्यों का बखान किया। जिसके तहत ग्राम स्तर पर सामुदायिक सहयोग से  तालाबों में जल संचयन से धान की खेती का जिक्र किया गया.

अखिल भारतीय बुंदेलखंड विकास मंच के राष्ट्रीय महासचिव श्री नसीर अहमद सिद्दीकी ने तर्क दिया कि संस्थाएँ लोगों को जागरूक करें कि कम  पानी में उपजने वाली फ़सलें उगायें इसी प्रकार कम पानी की आवश्यकता वाले कृषि उपयोगी पशु पाले जाएँ। बकरियां स्वतः चर कर और पानी पीकर अपने घरों शाम तक पहुँच जाती हैं लोग उन्हें घरों में बाँध लेते हैं अन्यथा बाड़े में बंद कर लेते हैं. दूसरी तरफ गोवंश को लोग छुट्टा छोड़ देते हैं जो अन्ना होकर झुण्ड के झुण्ड जाकर किसानों की फसलों को चट कर जाते हैं. जो कि बुंदेलखंड में विकराल समस्या बन चुकी है।  गत अकाल-सूखे में बुंदेलखंड में कोई बकरी नहीं मरी जबकि प्रत्येक गाँव से रोज़ाना भूख और प्यास से 4-5 गोवंश की मृत्यु की ख़बरें मिलती रही हैं.

बुंदेलखंड में लगभग 25000 तालाब हैं जिनमे से 7000 चंदेलकालीन हैं. जिन पर भूमाफियाओं का कब्ज़ा हो गया है. फलस्वरूप इस बार वर्षा जल का संचयन नहीं हो पाता। इस बार बुन्देलखण्ड 1200 मिलीलीटर वार्षिक वर्षा हुयी है . जोकि औसत वार्षिक वर्षा 750 मिलीलीटर से काफी ज्यादा है. ध्यान रहे सूखा के दौरान 350 मिली. का औसत था।  यदि बुंदेलखंड को जल संकट से बचाने का एक ही तरीका है की यहाँ के तालाबों, नदियों, जल निकायों को दबंगों और भूमाफियाओं से अविलम्ब कब्ज़ा मुक्त कराया जाये।
 
नसीर ने तर्क दिया शहरों में उद्योग स्थापित करने के लिए जब सरकार रातों-रात भूमि अधिग्रहण कर सकती है तो बुंदेलखंड के करोङों लोगों और पशुओं की ज़ान बचाने के लिए और जल संकट से स्थाई मुक्ति दिलाने के लिए जन हित में ऐसा क्यों नहीं कर सकती ? नसीर के विचारों से सहमति जताने वालों में से क़ानून विद डॉ.मोहन गोपाल(नेशनल लॉ स्कूल) व् डॉ.भरत एच देसाई (जे.एन.यू.), श्री आर.डी.राई (संसद सदस्य सिक्किम),श्री आशीष मोण्डल (एक्शन फॉर सोशल एडवांसमेंट),डॉ. विभा धवन(टेरी विश्व विद्यालय), डॉ. हिमांशु नायर(भारतीय कृषि अनुसन्धान संसथान) जैसे विद्वान् प्रवक्ता के रूप में विराजमान थे.
 
जल, जंगल और जमीन मुद्दे पर द्वी-दिवसीय वार्षिक राष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन ' इंडियन नेशनल एसोसिएशन ऑफ़ क्लब ऑफ़ रोम' ने इंडियन नेशनल एसोसिएशन संग कराया। जिसका उद्घाटन श्री अनिल माधव दवे, माननीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ,भारत सरकार ने किया। जिसमें देश-विदेश के तीन दर्जन पर्यावरण विद, विषय विशेषज्ञों, क़ानून विदों ने अपने अपने विचार रखे. यूनाइटेड किंगडम के श्री एडवर्ड मिलार्ड(एशिया पसिफ़िक लैंडस्केप्स एंड लाइवलीहुड रेनफॉरेस्ट अलायन्स)श्री जॉन पोंटिन (द कंवर्जिंग वर्ड) और श्री पर्सेस बिलिमोरिया (एनवीजनेशन लिमिटेड) के आलावा फिल्म निर्मात्री सुश्री रिंटू थॉमस(राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता पर्यावरण फिल्म श्रेणी), डॉ। नंदिनी सुंदर (दिल्ली विश्वविद्यालय),प्रोफ़ेसर अरुण के अत्रि (जे एन यू) के अलावा टाटा कंसल्टेंसी, टाटा स्टील, रैलिस इंडिया लिमिटेड,अमाल्गमटेड प्लांटेशन, ब्लिपर फाउंडेशन, वर्ल्ड रिसोर्सस इंस्टिट्यूट, फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ़ थे यूनाइटेड नेशन के विद्वान् वक्ताओं ने अपन-अपना शोध रखा. नसीर अहमद सिद्दीकी को 'सोशल ऑर्गनाइज़ेशन फॉर कम्युनिटी हेल्प(सोच) की और से डॉ.विशाल मैसी ने आमंत्रित किया था. नसीर ने बताया की बुंदेलखंड में 2470 वर्ग किलोमीटर परती भूमि है.
 
बुन्देलखण्ड में जनपदवार परती भूमि 
जनपद                   परती भूमि (वर्ग किमी)     कुल क्षेत्रफल(वर्ग किमी)
1.बाँदा                                393                       4,418,000
2.चित्रकूट                            127                       3205000
3.हमीरपुर                           184                      4316000
4.महोबा                              156                      2849000
चित्रकूट धाम मंडल              860                      14778000
5.झाँसी                                852                      5024000
6.ललितपुर                          479                       5039000
7.जालौन                             279                      4565000
झाँसी मंडल                       1610                     14628000
बुंदेलखंड                           2470                     29406,000
 

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अति कठीन कार्य के लिऐ धन्यव

Mohd salim

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