Thursday, 21st September 2017

सवाल करने पर शहीद की बेटी से नाराज हुए शिवराज

Mon, Nov 21, 2016 8:24 PM

- Mahendra Narayan Singh Yadav -

भोपाल जेल ब्रेक की घटना में संदिग्ध हालात में मारे गए गार्ड रमाशंकर यादव की बेटी ने सरकार और जेल प्रशासन पर सवाल क्या उठाए, मुख्यमंत्री शिवराज उससे नाराज हो गए। हालात यहां तक हो गए हैं कि अब वो परिवार को 25 लाख की मदद की घोषणा से भी पलट गए हैं।

मुख्यमंत्री खुद रमाशंकर यादव की शवयात्रा में शामिल हुए थे और तभी उन्होंने श्री यादव की बेटी की शादी के लिए 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया था जिसे बाद में  बढ़ाकर 25 लाख कर दिया था, लेकिन उसके बाद श्री यादव की बेटी सोनिया ने सवाल उठा दिया था कि उनके हार्ट पेशेंट पिता की नाइट ड्यूटी अकेले क्यों लगाई थी जबकि डॉक्टर ने भी उन्हें नाइट ड्यूटी के लिए मना किया था।

इस सवाल से मुख्यमंत्री शिवराज काफी नाराज हुए बताए जाते हैं। नतीजा ये निकला कि उन्होंने सोनिया की शादी के लिए जिस 25 लाख की मदद का ऐलान किया था, वह रुपए अब तक नहीं मिले हैं, और न ही उसके बारे में कोई कुछ बताने को तैयार है।

मुख्यमंत्री की नाराजगी इस बात से भी है कि सोनिया ने जेल में नौकरी करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। सोनिया ने कहा था कि वह मध्य प्रदेश की जेलों में नौकरी नहीं करेगी, और उसे उसकी योग्यता के अनुसार ही नौकरी किसी अन्य विभाग में मिले, तभी वह नौकरी स्वीकार करेगी।

दोनों ही मामलों में मध्य प्रदेश सरकार की अच्छी खासी किरकिरी हुई थी। फर्जी एनकाउंटर पर पहले से ही घिरे शिवराज सिंह चौहान को लगता है कि शहीद के परिवार ने दोनों बयान देकर उनकी मुश्किलें बढ़ाई हैं। वैसे खुद अदालत भी इस पर सवाल उठा चुकी है। एटीएस के चीफ संजीव शमी ने भी कहा था कि मारे गए सिमी कार्यकर्ताओं के पास हथियार नहीं मिले थे। एक पूर्व आईजी ने भी खुलासा किया था कि उन्होंने दो साल पहले ही सरकार को भोपाल सेंट्रल जेल की खामियों के बारे में सरकार को बताया था लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया।

मुख्यमंत्री की नाराजगी का खामियाजा शहीद के परिवार को इस तरह से भुगतना पड़ रहा है कि अब सोनिया की 9 दिसंबर को होने वाली शादी भी टलने की नौबत आ चुकी है। दुखी परिवार पहले भी 9 दिसंबर को शादी कर पाने की हालत में नहीं था, लेकिन शिवराज के मदद के आश्वासन के बाद परिवार ने 9 दिसंबर को निर्धारित तिथि पर ही शादी करने का फैसला किया था।

फिलहाल स्थिति ये है कि कलेक्टर और मुख्यमंत्री सचिवालय के चक्कर काटने के बाद भी रमाशंकर यादव के परिजनों को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। शादी टलने की नौबत आने की खबरें पिछले दो-तीन दिनों से अखबारों और सोशल मीडिया पर चल रही हैं, लेकिन इस बारे में मुख्यमंत्री या सरकार के किसी मंत्री ने कोई प्रतिक्रिया तक नहीं दी है।

परिजनों को अब केवल अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के नेता मनिंदरजीत सिंह बिट्टा से ही उम्मीद है जिन्होंने पीड़ित परिवार से मिलकर सोनिया यादव की देखरेख करने और उसे गोद लेने का वचन दिया था।

 

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