Thursday, 21st September 2017

शहीद रमाशंकर की बेटी की शादी टलेगी! शिवराज मदद का वादा भूले

Sun, Nov 20, 2016 10:07 PM

भोपाल जेलब्रेक केस में शहीद हुए हेड गार्ड रमाशंकर यादव के परिजनों को बेटी की शादी अब टलने की नौबत आ चुकी है। शादी के लिए 25 लाख रु. की मदद का वादा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भूल चुके हैं, और रमाशंकर की बेटी सोनिया की शादी की तारीख 9 दिसंबर पास आती जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री की तरफ से सहायता मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।

जब तक मामला गर्म था, और खबरों में था, तब तक मध्य प्रदेश सरकार हेड गार्ड रमाशंकर की वीरता की काफी तारीफ करते रहे, और उनके परिवार की पूरी मदद करने की बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करते रहे। यहाँ तक कि रमाशंकर की शवयात्रा में भी वो शामिल हुए थे। इसी दौरान उन्होंने रमाशंकर की बेटी की शादी के लिए 10 लाख रुपए देने का ऐलान करके खूब वाहवाही लूटी थी। बाद में इस रकम को बढ़ाकर 25 लाख कर दिया था, लेकिन उसके बाद नोटबंदी के हल्ले में वो मामला दब गया तो शिवराज भी चुप्पी साधकर बैठ गए।

रमाशंकर के परिजन मुख्यमंत्री के वादे पर भरोसा करके मुख्यमंत्री सचिवालय भई जा चुके हैं, लेकिन वहाँ बताया गया कि अभी कलेक्ट्रेट से ही प्रस्ताव नहीं आया है। इसके बाद परिजनों ने कलेक्टर निशांत वरबड़े से भी मिलने की कोशिश की लेकिन वहाँ से कुछ भी ठोस आश्वासन नहीं मिला, और सोनिया की शादी की तारीश 9 दिसंबर करीब आती जा रही है।

रमाशंकर यादव की सबसे छोटी बेटी सोनिया की 9 दिसंबर को शादी तय हो चुकी थी और वे इसके लिए 1 नवंबर से छुट्टी पर भी जाने वाले थे, लेकिन 30-31 की दरम्यानी रात को ही उनकी संदिग्ध हालात में हत्या हो गई।  उन्होंने प्रोविडेंट फंड से 50 हजार रुपए निकाले थे, लेकिन इतनी सी रकम में शादी हो पाना मुश्किल दिख रहा है।

शादी टलने की नौबत इसलिए भी आती जा रही है क्योंकि रमाशंकर के खाते में बिटिया के शादी के लिए जमा जीपीएफ का पैसा निकालने में भी कानूनी दिक्कत है। इसके लिए तीनों भाई-बहनों का अनापत्ति प्रमाण पत्र लगना है, जिसके बाद पैसा रमाशंकर की पत्नी हीरामुनि देवी के खाते में भेजा जाएगा। नोटबंदी के बाद बैंक कर्मचारी इतने व्यस्त चल रहे हैं कि उन्हें अन्य कामों के लिए समय ही नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में रमाशंकर के फंड का पैसा भी फँसा हुआ है।

सुनने में यह भी आ रहा है कि सरकार अब रमाशंकर के परिवार और बेटी की मदद में इसलिए इच्छुक नहीं है क्योंकि सोनिया ने जेल में गार्ड की नौकरी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था और कहा था कि वे मध्य प्रदेश की जेलों में नौकरी नहीं करना चाहतीं। इससे शिवराज सरकार की काफी भद्द पिटी थी। जेल की नौकरी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद, सरकार ने सोनिया के लिए किसी अन्य विभाग में उसकी योग्यतानुसार किसी अन्य नौकरी का प्रस्ताव भी इसी खुन्नस में नहीं दिया।

सोनिया ने अपने पिता की अकेले नाइट ड्यूटी लगाने पर भी सवाल उठाए थे क्योंकि रमाशंकर यादव हार्ट पेशेंट थे और डॉक्टरों ने उन्हें नाइट ड्यूटी के लिए मना किया था। इन सवालों का भी शिवराज सरकार के पास कोई जवाब नहीं था।

पत्रिका में प्रकाशित खबर के अनुसार रमाशंकर की बेटी ने बताया है कि सत्रह दिन बीत चुके हैं, और अब तक कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उनसे मिलने तक नहीं आया है। परिवार के मुखिया की असमय मौत से दुखी परिवार ने जैसे-तैसे तैयारियाँ शुरू की थीं, और शादी के कार्ड भी बाँटने शुरू कर दिए थे, लेकिन अब पैसे की तंगी के कारण शादी टलने की नौबत आ रही है।

 
 

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