Thursday, 21st September 2017

भोपाल गैस त्रासदी: 32 साल बाद एंडरसन को भगाने वाले पूर्व कलेक्टर और एसपी पर केस

Sun, Nov 20, 2016 2:46 PM

भोपाल. गैस त्रासदी के 32 साल पुराने मामले में यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन के चेयरमैन वॉरेन एंडरसन के भागने में मददगार बने तब के कलेक्टर मोती सिंह और एसपी स्वराज पुरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। सीजेएम भूभास्कर यादव ने शनिवार को गैस पीड़ित संगठनों की सुनवाई के बाद यह ऑर्डर दिए। 
- दोनों के खिलाफ सेक्शन 212, 217 और 221 के तहत केस दर्ज किया है। दोनों को कोर्ट में हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।
- बता दें कि गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के अब्दुल जब्बार और वकील शाहनवाज खान ने 20 जून 2010 को केस दायर किया था।
- इसमें बताया गया था कि मोतीसिंह और स्वराज पुरी ने एंडरसन की मदद की थी। संगठन ने दावा किया कि गैस कांड मामले में आए फैसले के बाद मीडिया से उन्हेें इस बारे में पता चला।
ऑर्डर देते हुए सीजेएम का कमेंट
- "जहरीली गैस से हजारों लोग मर रहे थे। कलेक्टर-एसपी जनता को बचाने के बजाय एक अपराधी को भगाने में लगे थे।"

 

 

                                       1984 का  फाेटो जिसमें तत्कलीन एसपी स्वराजपुरी कार ड्राइव कर रहे हैं।                                                                                         फोटो एंडरसन को एयरपाेर्ट छोड़ते समय का है। पीछे की सीट पर एंडरसन (घेरे में)।

 

- "इन्होंने योजना बनाकर एंडरसन को भागने में मदद की। मोती सिंह और स्वराज पुरी पर मामला दर्ज करने के पर्याप्त आधार हैं।"                                   एंडरसन को भोपाल से सुरक्षित भगाने में अफसरों की भूमिका शुरू से सवालों के घेरे में रही
- सीजेएम ने ऑर्डर में लिखा कि मोती सिंह की बुक से पता चलता है कि एंडरसन को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था।
- उसके बाद उसे स्पेशल प्लेन मुहैया कराकर भागने में मदद की, जबकि उसे कोर्ट की परमिशन के बगैर जमानत पर छोड़े जाने की इजाजत नहीं थी।
- उधर, पुरी इन दिनों मध्य प्रदेश के प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेग्युलेटरी कमीशन के मेंबर हैं।

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

29 %
10 %
60 %
Total Hits : 75815