Friday, 24th November 2017

टीचर पुरोहित से थाने में जूते चटवाए, टीचर ने की आत्महत्या

Sun, Nov 6, 2016 12:29 AM

शिवपुरी में जुआ एक्ट में फर्जी तरीके से फँसाए गए सहायक अध्यापक मनोज कुमार पुरोहित ने पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली है। अपने सुसाइड नोट में सहायक अध्यापक श्नी पुरोहित ने लिखा है कि पुलिस ने उसे थाने में नंगा किया, जूते चटवाए, बेवजह प्रताड़ित किया। पुरोहित का कहना है कि पुलिस उसके भांजे की बस से अवैध वसूली करती है, और जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जुआ एक्ट में गिरफ्तार कर लिया और जेल में बेइज्जत किया। 
मनोज पुरोहित के पिता नारायणदास पुरोहित ने कहा है, "पुलिस की बर्बरता से अपमानित होने की वजह से उनके बेटे का मानसिक संतुलन बिगड़ गया। दुखी होकर उसने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। सरकार को दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।"

मनोज की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल लेकर गए थे जहाँ हालत बिगड़ने पर उसे झाँसी रेफर किया गया था.| छह दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद मनोज ने देर रात सांस तोड़ दी। मृतक ने सुसाइड नोट में  पिछोर थाने के दो पुलिसकर्मी भदौरिया एवं राजपूत से तंग आकर सुसाइड करने का हवाला दिया है।

मनोज ने भाई और पिता नारायणदास पुरोहित, मां और भाभी को लिखे लेटर में कहा, "मेरा निवेदन है कि मेरे दोनों बच्चे और पत्नी रूबी का ध्यान रखें। मैं उन्हें आप सभी के हवाले छोड़कर जा रहा हूं। सुरेश राजपूत, शारदा राजपूत आप भी मेरे बच्चों का ख्याल रखें। मेरी पत्नी रूबी को मेरा कहना है कि तुम इन सभी की बात मानना। अगर बच्चों का भविष्य बनाना है तो मेरी आखिरी बात यही है कि मेरे दोनों भाई तुम्हारे पिता के समान हैं। सभी से हाथ जोड़कर क्षमा चाहता हूं कि अपनी बेइज्जती की वजह से मैं यह कदम उठा रहा हूं।"

सहायक अध्यापक मनोज पुरोहित को 29 अक्टूबर को जुआ एक्ट में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने सुसाइड से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान, कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव, एसपी मोहम्मद युसुफ कुरैशी, अपने दो भाइयों, पिता और माँ के नाम अलग-अलग लेटर लिखे थे।
 
यह भी पढ़िए : भोपाल सेंट्रल जेल के गार्ड की बेटी ने जेल विभाग में नौकरी से किया इन्कार
 
पुलिस की अवैध वसूली का विरोध करने वाले शिक्षक मनोज पुरोहित को पुलिस ने 29 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था, और उन पर जुआ खेलने का आरोप लगाया था। जुआ एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में उनका नाम शामिल किया गया था, और फिर थाने में उनके साथ मारपीट की गई, नंगा किया गया और जूते चटवाए गए। मनोज पुरोहित ये अपमान सहन नहीं कर पाए, और उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।
मनोज के साथ थाने में अमानवीय व्यवहार की खबर मिलने पर जब पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण गुप्ता थाने पहुंचे तो उन्हें भी अपमानित करके भगा दिया गया। मनोज को पुलिस ने तभी छोड़ा जब उसके पिता थाने 25 हजार रुपए लेकर पहुँचे। थाने से छूटते ही मनोज पुरोहित ने जान दे देने की बात कहनी शुरू कर दी थी।
मध्य प्रदेश के मानव अधिकार कमीशन ने इस मामले को लेकर ग्वालियर रेंज के आइजीपी और एसपी को लिखा है। उन्होंने 29 नवंबर की इस घटना के बारे में जानकारी मांगी है।

Comments 5

Comment Now


Previous Comments

Police manmarji case drj krti h Or police officer SHo thana inch se monthymili h Or manmarji Case benati h

MHassan

Police manmarji case drj krti h Or police officer SHo thana inch se monthymili h Or manmarji Case benati h

MHassan

Main bhi teacher hoo. Lekin police ne Yeh galat kiya hai. Court me cesh karo police se kuchh nahi hoga. Sab politics me dab jayega

Prabhesh arya

Ye ek bahut hi ghatiya or apanane ghtna hi.iski jach hokr dosi ko kadi saja honi chaye or manoj k parivar or bacho ka pura kharcha us haramjade se lena chaye........

Anand purohit

Aishe police walo par sakth karwahi hona chahiye warns Police par vrosa koi nhi krega

Md Azam Khan

Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

34 %
10 %
56 %
Total Hits : 77699