Friday, 24th November 2017

जेल की नौकरी करने से शहीद गार्ड रमाशंकर की बेटी ने किया इन्कार

Sat, Nov 5, 2016 10:26 PM

भोपाल सेंट्रल जेल से  सिमी कार्यकर्ताओं के भागने और एनकाउंटर में मारे जाने की घटना पर उठ रहे सवालों के बीच जेल के शहीद गार्ड रमाशंकर यादव की बेटी ने कहा है कि वह मध्य प्रदेश की किसी भी जेल की नौकरी स्वीकार नहीं करेगी।

रमाशंकर यादव की बेटी सोनिया यादव ने कहा है कि उनके पिता की जान जेल प्रशासन की विफलता के कारण ही गई है, और ऐसे विभाग में वह नौकरी नहीं करना चाहतीं। सोनिया ने यह भी कहा है कि वे जेल प्रहरी के लिए जरूरी योग्यता से कहीं ज्यादा योग्य हैं, इसलिए उन्हें सरकार नौकरी देना ही चाहती है तो उसकी काबिलियत के हिसाब से दे।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह रमाशंकर यादव को श्रद्धाजंली देने गए थे। वहीं उन्होंने उनकी बेटी को भोपाल केंद्रीय जेल में जेल प्रहरी की नौकरी देने की बात कही थी, लेकिन सोनिया यादव ने जेल प्रहरी की नौकरी करने से इंकार कर दिया । 

सोनिया यादव ने बीबीए करने के बाद बीएड और पीजीडीसीए में डिप्लोमा किया है और इन दिनों आईएएस की तैयारी कर रही हैं। पिछले दिनों उनके परिवार से मिलने आए मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने सोनिया यादव की पढ़ाई का खर्चा उठाने का वादा किया था। 

24 वर्षीय सोनिया की 9 दिसंबर को शादी होने वाली है, और उसकी शादी के लिए जेल के हेड गार्ड रमाशंकर यादव 31 अक्टूबर से छुट्टी पर जाने वाले थे कि एक ही दिन पहले उनकी संदेहास्पद हालात में मौत हो गई। सरकार का कहना है कि जेल से भागने वाले सिमी कैदियों ने ही उनकी हत्या की है, जबकि एनकाउंटर के फर्जी होने के पक्ष में सबूत सामने आने के बाद शंका जताई जा रही है कि फर्जी एनकाउंटर को असली बताने के लिए प्रशासन ने ही रमाशंकर यादव की हत्या कराई है।

इसके अलावा, यह भी पता चला है कि रमाशंकर यादव हार्ट पेशेंट थे, और उन्हें डॉक्टर ने नाइट ड्यूटी के लिए मना किया था, लेकिन जेल अधिकारियों ने इसके बावजूद, रमाशंकर की नाइट ड्यूटी लगाना जारी रखा, और वारदात के दिन पूरी जेल केवल दो प्रहरियों के भरोसे थी । 

पहले इस मामले में एनआईए जांच की बात कही गई थी लेकिन बाद में सरकार इससे पीछे हट गई। आतंकियों के भागने और उनके एनकाउंटर मामले की जांच अब हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एसके पांडे को सौपी गई है।

इसके साथ ही, फर्जी एनकाउंटर के बारे में गांव वालों के बयानों की अहमियत को देखते हुए, उनके बयानों से पहले ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनिखेड़ा गाँव के लोगों को 40 लाख रुपए इनाम की घोषणा कर दी है। माना जा रहा है कि ये गाँव वालों को एक तरह से रिश्वत दी जा रही है ताकि वो फर्जी एनकाउंटर के बारे में सरकार को मुश्किल में डालने वाले बयान न दें।
 

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

34 %
10 %
56 %
Total Hits : 77699