Sunday, 19th November 2017

रूसी युवती ने की बुंदेलखंडी मिडिल पास से शादी

Sun, Oct 30, 2016 6:38 PM

- नसीर अहमद सिद्दीकी -

अनास्तासिया मेरोंनोवा (रूसी संसद के इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में काम करने वाली लड़की अनास्तासियाय मेरोनोवा ने काशीराम उर्फ़ कस्सी के बेटे नरेंद्र लोधी उर्फ़ नन्दू (बुंदेखण्ड के सागर जिले के बेरखेरी गुरु गांव) को अपना जीवनसाथी बनाया। सागर जिले के बेरखेरी गुरू गाँव के खेतीहर मजदूर काशीराम लोधी की पुत्रवधू अनस्तासिया मेरोनोवा रूस की पार्लियामेंट में एकानामिक अफेयर्स की कौंसलर हैं। मास्को के निकोलाई मेरोनोवा कस्सी के समधी बन गये हैं। उनका बेटा नरेंद्र लोधी उर्फ नंदू रूस की संसद से हीरा चुराकर लाया है और राष्ट्रपति पुतिन को मालूम भी नहीं चला।

 बीते 10 अगस्त 2016 को मास्को में ही शादी रचाई और अब नन्दू इस हाई प्रोफाइल लेडी के साथ रूस में ही बसना चाहता है लिहाजा इसके लिए उसे मैरिज रजिस्ट्रेशन की दरकार है। जिसके लिए नन्दू और उसकी पत्नी अनस्तासिया सागर कलक्ट्रेट में हाजिर हुए ताकि मैरिज रजिस्ट्रार उन्हें ये सर्टिफिकेट दे सके। दरअसल नन्दू रूस की नागरिकता लेना चाह रहा है और इसके लिए शादी एक बड़ा आधार भी है।

नन्दू महज मिडिल स्कूल तक पड़ा हे और अंग्रेजी से नाता दूर दूर तक नही, एक खेतिहर किसान परिवार में जन्मा और जीवन यापन के लिए तीन साल पहले गोवा गया जहाँ वो वेटर का काम करने लगा तो फिर वोट चलाना सीखा और पर्यटकों को समन्दर की लहरों के बीच वोटिंग कराता था।अनस्तासिया अगस्त के महीने में गोवा घूमने आई और नन्दू को दिल दे बेठी। और फिर क्या था वो नन्दू को रूस ले उड़ी और मामला शादी तक पहुंचा।

 नन्दू की रसियन पत्नी कहती हैं की बस प्यार हुआ तो दोनों एक हो गए । वो क्रिश्चियन है और नन्दू हिन्दू लेकिन ना तो वो खुद धर्म बदलेंगी ना ही नन्दू को बदलने देंगी।नन्दू अपनी विलायती दुल्हन को लेकर सागर आया लेकिन दुल्हन को ससुराल यानी अपने गावँ ले जाने की बजाए वो एक होटल में रुका है जबकि नन्दू के पिता ठेके पर ली जमीन की बौनी में लगे हैं परिवार चाह कर भी विलायती दुल्हनिया से मिल नहीं पा रहा ना देख पा रहा है।
सागर कलेक्ट्रेट में इस जोड़े को लोग देखते है तो पहले सहज लेते हैं क्योंकि विदेशी महिलाओं से शादी रचाने के कई उदाहरण बुन्देलखण्ड में हैं. 

 

बहरहाल रूस के सांसदों को एकानामिक अफेयर्स की सलाह देने के साथ रूस की सरकार में अहम अनस्तासिया एक मिडिल क्लास तक पढ़े लिखे युवक के साथ जिंदगी बिताएंगी तो बेलखेरी गुरु गावँ के कस्सी लोधी का सीना भी चौडा होगा की उसका बेटा विदेश में ब्याहा है लेकिन कहीं ना कहीं मलाल इस बात का जरूर होगा की बेटे ना सिर्फ घर छोड़ा बल्कि गावँ और देश भी छोड़ दिया।।

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Missing the BARAT , Waiting for the Reception , If planned . Good Wishes for Happy and long marriage life.

Ashok

This marriage is only to utilise each other........sapno ki udan ka Madhya

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