Sunday, 19th November 2017

कुपोषण से बच्चों की मौतों पर महाराष्ट्र सरकार बेफिक्र

Thu, Oct 27, 2016 12:05 AM

 मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने राज्य के आदिवासी इलाकों में कुपोषण से होने वाली मौतें बढ़ने के मुद्दे के हल की दिशा में महाराष्ट्र सरकार की संवेदनशीलता में कमी पर नाराजगी जाहिर की है।  न्यायमूर्ति वीएम कनाड की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने विदर्भ के मेलघाट क्षेत्र और अन्य आदिवासी इलाकों में बच्चों में कुपोषण के बारे में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे पर व्यक्तिगत रूप से गौर करें और समस्या का हल करने के लिए उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराएं। 


    न्यायमूर्ति कनाड ने कहा कि राज्य सरकार के अधिकारियों का समाज के सबसे निचले तबके से आने वाले बच्चों की हालत के प्रति पूरी तरह से संवेदनहीन रुख है।  अदालत ने कहा कि उसे आशा है कि सरकार इस मुद्दे को अब गंभीरता से लेगी, अन्यथा उसे संबद्ध विभागों के सचिवों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा तथा उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही की जाएगी। 
    अदालत ने इस बात का जिक्र किया कि इस मामले में आठ साल पहले आदेश और निर्देश जारी किए गए, जो दुर्भाग्य से सिर्फ कागज पर बने हुए हैं और कोई प्रगति नहीं हुई। याचिकाकर्ताओं ने अदालत के संज्ञान में लाया था कि साल 2015-16 में 18,000 बच्चों की मौतें कुपोषण से हुई हैं। 

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