Wednesday, 20th September 2017

इंदौर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट: आज भी निवेशकों में दिखा जोश !

Sun, Oct 23, 2016 2:09 PM

इंदौर। ग्लोबल  इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे और आखिरी दिन  इंडियन आयल और बीपीसी एल ने ऊर्जा विकास निगम से एमओयू साइन किया गया है। इसके साथ ही सोलर एनर्जी के क्षेत्र में चार एमओयू साइन किए गए हैं।

 समिट के पहले दिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में  इंडिया इंक से अपना बटुआ खोलने की अपील की थी । उन्होंने कहा कि बेहतर मानसून के चलते मांग बढ़ रही है, जबकि महंगाई काबू में आने से ब्याज दरें घटी हैं। इसलिए निजी क्षेत्र सस्ते होते कर्ज व मांग वृद्धि का लाभ उठाने के लिए आगे आए और बढ़-चढ़ कर निवेश करे। 
जेटली ने कहा कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की रफ्तार सबसे तेज है। यहां सरकारी खर्च और निवेश बहुत तेजी से बढ़ रहा है। अब अगर निजी क्षेत्र भी निवेश में जुट जाए तो देश की अर्थव्यवस्था और भी तेजी से दौड़ पड़ेगी। इस मौके पर अनिवासी भारतीय उद्योगपति गोपीचंद हिंदुजा ने सवाल उठाया कि देश की आर्थिक रफ्तार धीमी है।

 

इसका जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने उन्हें याद दिलाया कि आमतौर पर निजी क्षेत्र निवेश के मामले में सरकार से आगे रहता है। फिलहाल हम ऐसे मोड़ पर हैं जब इंडिया इंक निवेश में सरकार से पिछड़ रहा है। अब निजी निवेश के ही रफ्तार पकड़ने का इंतजार है। जहां तक विदेशी निवेश का सवाल है, तो ग्लोबल अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से वह भी तेजी से भारत की ओर आ रहा है।

अच्छे मानसून की वजह से खाद्यान्न की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। इससे महंगाई कम होगी और ग्रामीण क्षेत्र की मांग बढ़ेगी। कम महंगाई के चलते कर्ज और सस्ता होगा। इससे पूंजी की लागत घटेगी। इतने सारे फायदों को देखते हुए इंडिया इंक के सामने निवेश बढ़ाने का यह सबसे बढ़िया समय है।

सारे निवेशकों पर भारी पड़े अकेले रामदेव

योगगुरु बाबा रामदेव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2016 के उद्घाटन सत्र में ऐसा योग किया कि बड़े-बड़े कॉरपोरेट घरानों की नींद उड़ सकती है। दिग्गज उद्योगपतियों की मौजूदगी में बाबा ने एलान किया कि वे टेक्सटाइल के क्षेत्र में भी उतरेंगे।

उनकी कंपनी कोट से लंगोट तक बनाएगी। इसके बाद उन्होंने मप्र में तीन साल में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, हर्बल मेडिसिन के क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये निवेश का एलान किया। इसके जरिये 10 हजार से ज्यादा लोगों का रोजगार मिलेगा। दावा किया कि पतंजलि समूह की ग्रोथ अगले साल 200 फीसद तक पहुंचा देंगे।

उद्योगपतियों में अनिल अंबानी, कुमार मंगलम बिड़ला, शशि रुइया, दिलीप सांघवी, नौशाद फोर्ब्स, राजेंद्र गुप्ता, अरुण भगतराम, अल रजवानी शामिल हुए। इस दौरान ब्रिटेन से आए एनआरआइ उद्योगपति गोपीचंद हिंदुजा और समिट के पार्टनर देशों के प्रतिनिधि भी थे।

बाबा ने बताया कि देश में चीन से चार लाख करोड़ रुपये का सामान आयात हो रहा है। इससे निपटने के लिए भारत को सबसे बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग हब बना सकते हैं। इसके जरिये दुनिया को 25 लाख करोड़ से ज्यादा का निर्यात कर सकते हैं। मध्य प्रदेश को संभावनाओं वाला सुरक्षित निवेश ठिकाना करार देते हुए कहा कि राज्य की ग्रोथ रेट 10 साल से दहाई अंक में है।

मैन्यूफैक्चरिंग में होगा बड़ा निवेश

चीन के उत्पादों के बहिष्कार से सामने आई चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके संकेत केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिया। प्रसाद ने कहा कि देश में सबसे बड़ा निवेश इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में होगा। जबलपुर और भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर तैयार किए जाएंगे।

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