Saturday, 18th November 2017

रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस छोड़ी, भाजपा में शामिल

Thu, Oct 20, 2016 8:10 PM


कांग्रेस नेता और उत्तर प्रदेश इकाई की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी आखिरकार कांग्रेस को बाय-बाय कहकर भाजपा का कमल खिलाने चल ही दीं। पिछले कुछ दिनों से लगातार खबरें आ रही थीं कि रीता भाजपा में जाने वाली हैं। प्रदेश और देश की राजनीति के दिग्गज नेता स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा के परिवार की तरफ से कांग्रेस को ये दूसरा बड़ा झटका है। इसके पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और रीता बहुगुणा के भाई विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने से नाराज होकर भाजपा का दामन थाम लिया था और कांग्रेस की सरकार गिराने की पुरजोर कोशिश की थी। अब उत्तर प्रदेश में भी रीता बहुगुणा जोशी ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सवारी की है।

रीता बहुगुणा उत्तर प्रदेश में अपनी अनदेखी से नाराज बताई जा रही थीं। प्रदेश में शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित किया जाना और राज बब्बर को प्रदेशाध्यक्ष का पद सौंपना उन्हें नागवार गुजर रहा था। राज्य में राहुल गांधी के कार्यक्रमों में भी वे शामिल नहीं हो रही थीं।

भाजपा में शामिल होते ही रीता बहुगुणा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में एकाएक कई खूबियां नजर आने लगी हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुई रीता बहुगुणा ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े खून की दलाली वाले राहुल गांधी के बयान पर सवाल उठाए और पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ भी कर डाली।

श्री मोदी की तारीफ करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल खड़़ा करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि जिस तरह से खून की दलाली जैसे शब्द का उपयोग किया गया, उससे वे काफी दुखी हो गई थी। जब सारी दुनिया ने सर्जिकल स्ट्राइक को स्वीकार किया तो कांग्रेस और दूसरी पार्टियों को इसपर सवाल नहीं उठाना चाहिए था। 

श्रीमती जोशी ने  कहा कि  27 साल के राजनीतिक जीवन में 24 साल कांग्रेस में रहने के बाद पार्टी छोड़ना उनके लिए कठिन निर्णय था। उनके साथ उनके बेटे मयंक जोशी भी भाजपा में शामिल हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि मयंक जोशी भी विधानसभा का चुनाव लड़ना चाहते थे। खुद रीता बहुगुणा कांग्रेस के टिकट पर लखनऊ कैंट से विधायक हैं। वे पहले समाजवादी पार्टी में भी रह चुकी हैं और इलाहाबाद की महापौर चुनी गई थीं।

उन्हें कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष भी बनाया गया था। उस समय राज्य में बसपा की सरकार थी। उसी दौरान रीता बहुगुणा ने 'मायावती के साथ भी बलात्कार हो' जैसा कुख्यात बयान दिया था जिसके बाद राज्य भर में कांग्रेस के खिलाफ बसपा ने प्रदर्शन किए थे और तोड़-फोड़ की थी। कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष के रूप में रीता का कार्यकाल काफी निराशाजनक ही रहा और पार्टी का जनाधार लगातार कम हुआ।

भाजपा में भी रीता की राह आसान नहीं है। माना जा रहा है कि उनके भाजपा में आने के बाद लखनऊ कैंट की सीट मयंक जोशी को दी जाएगी और खुद रीता अपने पुराने इलाके इलाहाबाद में जोर आजमाएंगी। उनके आने से कुछ भाजपाइयों में असहजता दिखाई देने लगी है। अब देखना होगा कि इलाहाबाद में रीता बहुगुणा जोशी को तवज्जो मिलने के बाद किस भाजपाई का टिकट कटेगा!

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

31 %
9 %
59 %
Total Hits : 77350