Sunday, 19th November 2017

व्यापम घोटाले की जाँच की रफ्तार धीमी है- सांसद विवेक तन्खा

Sat, Sep 10, 2016 10:55 PM

कांग्रेस से राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा का मानना है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ;सीबीआईद्ध व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले की धीमी जांच कर रही है। ऐसे में उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई को इस मामले में हैदराबाद की सेन्ट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये हैं। वहीं उच्चतम न्यायालय अब व्यापम घोटाले की जांच की मॉनीटरिंग स्वयं करेगी। 
श्री तन्खा ने आज मध्यप्रदेश के ग्वालियर में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा करते हुए यह बात कही। वह रोटरी क्लब के कार्यक्रम में शामिल होने ग्वालियर आए थे। व्यापम के आरोपियों के छूटने और व्हिसल ब्लोअर द्वारा गबाही समन नहीं देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि व्हिसल ब्लोअर आशीष चतुर्वेदी पहले तो जोर.शोर से आगे बढे थे वह अब थोडा पीछे हो गए हैं। इसका लाभ आरोपियों को मिल रहा है। उन्होंने व्हिसल ब्लोअर आशीष से बात की है,यह बात उनकी समझ में आ गई होगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि देश के न्यायालयों में न्यायाधीशों की भारी कमी है। कई जज काम के बोझ से बीमार होकर अस्पताल तक में भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकेले मध्यप्रदेश में ही उच्च न्यायालय के आठ जज बीमार हैं। उन्होंने कहा कि अब केन्द्र सरकार शीघ्र ही पूरे देश में उच्च न्यायालय में 200 जजों की नियुक्ति करने जा रही है जिससे देशभर में लंबित तीन करोड़ से अधिक प्रकरणों का जल्द ही निपटारा हो सकेगा। 
न्यायाधीश नियुक्त करने के मामले में कॉलेजियम सिस्टम के  बारे में पूछे जाने पर श्री तन्खा ने कहा कि   केन्द्र सरकार ने जजों की नियुक्त करने के बारे में न्यायिक नियुक्ति आयोग बनाया था। इसे उच्चतम न्यायालय ने रदद कर दिया। इससे केन्द्र सरकार आहत महसूस कर रही हैए इसलिए जजों की प्रक्रिया रुकी हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को यदि न्यायिक आयोग ठीक लगता तो उसे उच्चतम न्यायालय के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका लगाना चाहिए थीए लेकिन सरकार ने ऐसा भी नहीं किया। उनका मानना है कि जब तक नया कानून नहीं बनता तब तक केन्द्र सरकार को कॉलेजियम सिस्टम के तहत ही जजों की भर्ती  करना चाहिए।  
सीबीआई को तोता कहे जाने के बारे में पूछे गए प्रश्र के उत्तर में सांसद तन्खा ने कहा कि सीबीआई की छवि जैसी पहले थीए वैसी ही आगे भी बनी रहेगी। सीबीआई सत्तारूढ़ पार्टी के साथ चलती है और उससे संबंधित मामलों में कुछ ढिलाई बरतती है। सरकार के हटने के बाद वह तत्काल चालान प्रस्तुत कर कार्रवाई को अंजाम दे देती है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष बाद राजनीतिक हालात बदलेंगे और सीबीआई भी बदलकर इन घोटालों का पर्दाफाश बेहतर ढंग से करेगी। 
प्रदेश कांग्रेस के बारे में उन्होंने कहा कि इस समय पार्टी प्रदेश में एकता के लिये मंथन ही नहीं कर रहीए उस पर काम भी चल रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह एकजुट नजर आयेगी।  

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