Friday, 24th November 2017

केशव मौर्या और सांसद छोटेलाल खरवार की हर तरफ हो रही है निंदा

Sat, Sep 3, 2016 2:35 AM

रॉबर्ट्सगंज के सांसद छोटेलाल खरवार की भाजपा प्रदेशाध्यक्ष केशव मौर्य के सामने हुई बेइज्जती पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रिया हो रही है। वैसे तो छोटेलाल खरवार हमेशा विवादों में रहे हैं और अधिकारियों पर मारपीट करने, बीडीसी सदस्यों के अपहरण के आरोप उन पर रहे हैं, लेकिन अपनी ही पार्टी में अपनी ही तौहीन करा लेने पर सोशल मीडिया में उनकी कड़ी भर्त्सना हो रही है। सोनभद्र में केशव प्रसाद मौर्य के कार्यक्रम में छुटभैये नेता तक कुर्सी पर बैठे थे, लेकिन छोटेलाल को बैठने को कुर्सी नहीं दी गई। इसकी तस्वीर जारी होने पर सोशल मीडिया में हंगामा मच गया।अपनी फजीहत रोकने के लिए भाजपा ने एक तस्वीर जारी की है जिसमें छोटेलाल खरवार केशव मौर्ये के साथ बैठे हैं। हालाँकि, इसके बाद भी सोशल मीडिया पर छोटेलाल खरवार और केशव प्रसाद मौर्य की निंदा जारी है। आइए, कुछ प्रतिक्रियाएँ पढ़ते हैं।
इंजीनियर विवेक कुमार - सोनभद्र के बीजेपी जिलाध्यक्ष कृपया संज्ञान लें। सोशल मिडिया से बात उठी है तो सोशल मीडिया पर ही इस घटना के संदर्भ में सफाई भी दे दीजिये, न तो बात उठी है तो दूर तलक जाएगी।
विनोद सोनवार - बीजेपी के दलित सांसद इसी लायक हैं। अगर इनमें गैरत होती तो ये बीजेपी में जाते ही क्यों।
ध्रुवेश प्रताप - वहाँ तुम कुत्ते बनके रहोगे। उनके कहने पर भौंकना होगा, उनके कहने पर चुप रहना होगा।
सुआलाल जाटव - बेइज्जती उनकी होती है जिनकी कोई इज्जत हो।

पढ़िए- क्या है पूरा मामला
इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शालू यादव - इन्हें दलित न कहिए, ये मोडीफाइड बाभन हैं।
विनोद कुमार - भाजपा में जो जाता है, वो बहुजन नहीं है। उनकी बेइज्जती होनी ही चाहिये। जब ब्राम्हण धर्म को स्वीकार कर ही लिया है तो उस धर्म मे जो ट्रीटमेंट है दलित को, वो भी स्वीकार करना होगा इन्हें।
सतीश जायसवाल - हमारे इलाके की घटना है। इससे दलितों-पिछड़ों में बहुत गुस्सा है।
आशीष गौतम - भाजपा में दलित सांसदों की औकात ही क्या है। वे इसी लायक ही हैं।
स्नेहलभाई पटेल - राजनीति है पर ब्राह्मणवाद से सदियों से मार खाते हुए भी कुछ नहीं सीखा।
इकराम खान - माननीय सांसद जी को यह एहसास नहीं है की एक संसद सदस्य के पद की गरिमा क्या होती है।
धीरज पांडेय - इस महादलित जनप्रतिनिधि के हुए सार्वजानिक अपमान की जितनी भी निंदा की जाय कम है।
चक्रवर्ती सिंह - क्या अपने सांसद के सम्मान में, अमित शाह मैदान में।

पढ़िए-अब अखबारों में भी उछला मामला
विनय चंदेल - सरकार की उपेक्षा संगठन को महँगी पड़ेगी।
कृष्णकांत बंसल - जिस पार्टी का अध्यक्ष ही एक बेइज्जत आदमी हो, उसके नेता तो ऐसे होंगे ही।
अनूप सिंह - बिलकुल सही हुआ। इनके सांसद होने न होने से दलित समाज को क्या फर्क पड़ता है। जो अपनी इज़्ज़त न बचा सके वो दलित समाज के लिये क्या लड़ेंगे।
राजेश राजे - जिन्हें गुलामी की आदत हो गयी हो वो भी कभी शासक बन ही नहीं सकता।
शैलेष कुमार - सांसद जी के खड़े होने की मुद्रा और हाथ में अंगूठियों की भरमार उनके दर्द को बयां कर रही है।
सलोनी सुकू - ये वही लोग हैं जो ब्राह्मणों से लात खाकर धन्य होते हैं और उसे प्रसाद मानते हैं। असली 24 कैरट गुलाम।
विपिन यादव - इन अँगूठियों के साथ पीताम्बर तो यह कह रहा है कि इन्होंने कई पीढ़ियों से सिर्फ चन्दन ही घिसा है।
मनीष मौर्य - ये ऐसे ही हैं। ये नहीं सुधरने वाले।
मूलचंद सोनकर - बहुत सही किया। लात खाने लायक़ दलित ही भाजपा में जाता है।
संदीप कुमार - जब दलित सांसदों का ये हाल है तो आम दलित का क्या हाल होगा।
राजेश कुमार - अच्छा है, जो बेइज्जत किया।
महेंद्र वर्मा - जूते खाने के आदी हो गए हैं। कुछ तो शर्म करो!
आरएल कनौजिया - बीजेपी मोस्ट एंटी दलित। कांट सी दलित टू राइज़। ओनली ढोंग इन द नेम ऑफ पेट्रियोटिज्म।
देवीदीन मौर्य - मानसिक रूप से बीमार है।
घनश्याम साल्वी - जो लोग अपनों से गद्दारी करते हैं, उन्हें बाहर इतनी इज्जत कहाँ मिलती है, चाहे कितना भी अच्छा कम कर लें।
बलवीर जाटव - अच्छा हुआ। ये इसी लायक है।
तुलसीराम जाटव - मैं होता तो पद को लात मारकर आ जाता।
राजीव श्रीवास्तव - क्या करियेगा! दलित बीजेपी में और ब्राह्मण बसपा में बेइज्जत हो रहे हैं ।
दिनेश मर्मट - ये लोग कभी भी हमें सम्मान नहीं देंगे।
 नीरज बौद्ध - मनुवाद के पोषक दलितों के साथ ऐसा ही सलूक किया जाना चाहिए।
जयराम - ऐसे दलित सांसदों को जूतो से मारना चाहिए जो बेइज्जत होने के बाद भी भाजपा के तलवे चाटते हैं।
कपिल प्रकाशराव - अच्छा है, दलित सांसद को उसकी औकात बता दी।
भारती विजय प्रकाश - ये उसी लायक है। इसके बाद भी उसको अकल नहीं आएगी।

Comments 4

Comment Now


Previous Comments

सम्मान देना चाहिए था

Devesh Rajvanshi

यह महाशय दलित जरूर हैं पर ये केवल धन और बल हेतु ही भाजपा में गयें हैं।भाजपा को एेसे ही चाटुकार चाहिए ।अगर इनको अपनी इज्जत प्यारी होती और अपने समुदाय के लिए कुछ करना चाहते तो इस पार्टी में जाते ही नहीं ।

अरुण कुमार

Kutton ke bhoankne aur gurrane se ram bad nahi rukega mujhe lagta hai

mithun singh

Kutton ke bhoankne aur gurrane se ram bad nahi rukega mujhe lagta hai

mithun singh

Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

34 %
10 %
56 %
Total Hits : 77699