Saturday, 18th November 2017

किसानों की मुआवजा राशि कम से कम 30 हजार रुपए हेक्टेयर हो- लक्ष्मीनारायण यादव

Sun, Jul 24, 2016 3:55 PM

विदिशा। सांसद लक्ष्मीनारायण यादव ने फसल बीमा राशि के तहत किसानों को मिलने वाली मुआवजा  राशि बढ़ाए जाने की मांग की है। विदिशा में जिला सतर्कता और निगरानी समिति की बैठकों ने जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि सरकार 17 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर के हिसाब से फसल बी्मा राशि का भुगतान करेगी जो कि पर्याप्त नहीं है। इस पर सांसद श्री यादव ने भी माना कि फसल बीमा के तहत मिलने वाला मुआवजा बहुत कम है और इसे कम से कम 30 हजार रुपए हेक्टर होना चाहिए। उन्होंने ये माँग सरकार के सामने उठाने का भी फैसला किया है। सांसद ने कहा कि 17 हजार रुपए में तो किसान की लागत तक नहीं निकलेगी।

जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की इस बैठक में जनप्रतिनिधि  अफसरों से बेहद नाराज दिखे। बिजली की कमी को लेकर बैठक में भारी हंगामा हुआ। यहाँ तक कि सांसद लक्ष्मीनारायण यादव को भी कहना पड़ा कि बिजली का इतना संकट तो सागर में भी नहीं है जितना विदिशा में है। कंपनी के अफसरों से परेशान  कुरवाई विधायक वीरसिंह पवार ने तो अफसरों पर झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। यहाँ तक कि बैठक में  सभी जनप्रतिनिधि  बिजली कंपनी के एसई जावेद जाफरी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास कराने वाले थे, लेकिन सांसद लक्ष्मीनारायण यादव के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। अब सोमवार को मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की जाएगी। बैठक में कृषि, सिंचाई, सड़क को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने गुस्सा जताया। सांसद ने बिजली विभाग के अफसरों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा - आप लोगों ने बहुत आराम कर लिया है और अब काम करें । किसानो ंकी बिजली संबंधी समस्याएँ दो दिन के अंदर दूर हो जानी चाहिए।

सागर सांसद लक्ष्मीनारायण यादव की अध्यक्षता में शनिवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिला सतर्कता एवं निगरानी समिति की दो घंटे चली बैठक  में कांग्रेस के दोनों विधायक निशंक जैन और गोवर्धन उपाध्याय मौजूद नहीं थे। लेकिन उनकी बदले में सत्तापक्ष के विधायक कल्याणसिंह दांगी, कुरवाई विधायक वीरसिंह पवार ने ही विपक्ष का मोर्चा संभाला। वीरसिंह ने कहा कि मेरी विधानसभा का सोनपुरा और खोंगरा गांव में बिजली नहीं है। हर बैठक में मुद्दा उठाता हूं, लेकिन अफसर लीपापोती कर देते हैं। खोंगरा में डेढ़ साल से पोल खड़े हैं, लेकिन लाइन नहीं डाली गई। कांकर से मन्नारगढ़ तक 72 पोल लगना हैं, लेकिन 8 माह हो गए ठेकेदार से काम नहीं कराया जा सका, जिससे यहां के दर्जन भर गांव अंधेरे में डूबे हैं। दो-दो घंटे बिजली दी जा रही है जबकि 5 से 10 हजार रुपए तक के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं।

बिजली कंपनी के खिलाफ जनप्रतिनिधियों के आक्रोश को देखते हुए सांसद श्री यादव ने मौके पर ही कंपनी के एमडी संजय शुक्ला से मोबाइल पर बात की और जल्दी ही व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। कंपनी के निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग करने के आरोप पर भी सांसद ने कड़ा रवैया अपनाया और जांच कमेटी बनाकर जांच कराने का आश्वासन दिया है। बैठक में उद्यानिकी मंत्री सूर्यप्रकाश मीणा और जिला पंचायत अध्यक्ष तोरणसिंह दांगी भी मौजूद थे।

 वहीं समिति के सदस्य अतुल शाह ने कहा कि जिले की आदिवासी बस्तियों को चिंहित कर उन्हें सामुदायिक भवन सहित सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाना चाहिए। वहीं मंजरी जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री के भारत स्वच्छता अभियान को अफसर पलीता लगा रहे हैं। कई हितग्राहियों ने शौचालय बनवा लिए, लेकिन उन्हें राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। जिससे अन्य हितग्राही शौचालय बनवाने से हिचक रहे हैं। इसके अलावा बिजली कंपनी द्वारा तय मापदण्ड के अनुसार पोल नहीं गड़ाए जा रहे, जिससे वह जरा सी हवा-आंधी आने पर गिर जाते हैं।

 

 

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