Sunday, 19th November 2017

प्रदेश की तीन कृषि सिचाई योजना को केंद्र की मंजूरी

Thu, May 12, 2016 6:32 PM

रायपुर। प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना (पीएमकेएसवाय) के लिए गठित राष्ट्रीय सलाहकार समिति द्वारा योजना के प्रथम चरण में देश की कुल ३९ परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिनमें छत्तीसगढ़ की ३ परियोजनाएं शामिल है। छत्तीसगढ़ के जल संसाधन व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली के श्रम शक्ति भवन में पीएमकेएसवाय की राष्ट्रीय सलाकार समिति की चैथी बैठक आयोजित की गयी। बैठक में तेलंगाना के सिचाई मंत्री टी. हरीश राव, महाराष्ट्र के सिचाई मंत्री गिरीश महाजन, और राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर, असम, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश के वरिष्ठ सिचाई अधिकारी भी उपस्थित थे।
बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पीएमकेएसवाय येाजना में स्वीकृत कुल ३९ परियोजनाओं में से छत्तीसगढ़ की तीन पीरयाजनाओं जिसमें मनियारी लाइनिंग, केलो तथा खारंग जलाशय परियोजनाओं को आज की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। छत्तीसगढ़ की इन परियोजनाओं से राज्य में लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिचाई सुविधाएं बढ़ेंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अगले चरण के लिए छत्तीसगढ़ की चार परियोजनाओं रविशंकर सागर परियोजना, मिनीमाता बांगो परियोजना, जोंक व्यपवर्तन योजना तथा शिवनाथ व्यपवर्तन योजना को प्रस्तावित किया जाएगा।
अग्रवाल ने बताया कि केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में नेशनल हाईड्रोलाजी प्रोजेक्ट के निर्माण की भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना की लागत ८० करोड़ रूपये होगी। जिसमें केन्द्र द्वारा राज्य को परियोजना की शत-प्रतिशत राशि दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत राज्य में सिचाई योजनाओं को पूरी तरह कम्प्यूटराइज्ड करने के साथ-साथ ४२ जलाशयों में जल स्तर मापन क्षेत्र भी लगाए जाएंगे। इन सभी की जानकारी सीधे सर्वर में उपलब्ध होगी। वर्षा तथा बाढ़ की तत्काल जानकारी प्राप्त  करने तथा जलाशयों से पानी ४८ घंटे पहले छोड़े जाने आदि की सूचना भी सुलभ होगी। भू-जल मापने के लिए ४५० स्थानों पर अत्याधुनिक रिकॉर्डर लगाये जाएंगे। इससे सतही जल एवं भू-जल का समुचित उपयोग करने में मदद मिलेगी।   
अग्रवाल ने बैठक के लिए निर्णयों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जिन राज्यों में सिचाई परियोजनाओं की लागत बहुत अधिक बढ़ गयी उनमें समिति द्वारा केन्द्र से राज्यों को ६० व ४० के अनुपात में राशि उपलब्ध कराये जाने की अनुशंसा की गयी है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने बताया कि राज्य बनने के बाद हमने सिंचाई सुविधाओं का प्रतिशत २४ से बढ़ाकर ३५ प्रतिशत कर दिया है। आज हमारा लक्ष्य इसे राष्ट्रीय औसत के बराबर ४२ प्रतिशत करने का है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाय) के लिए गठित राष्ट्रीय सलाहकार समिति द्वारा देश की ऐसी प्राथमिकताओं वाली अधूरी सिचाई योजनाओं का चिन्हांकन किया गया है जिसके पूरे होने पर देश में ८० लाख हेक्टेयर क्षेत्र मे सिंचाई सुविधाएं जुटाई जा सकती है।

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