Saturday, 18th November 2017

DDCA में कथित भ्रष्टाचार के मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Sun, Dec 20, 2015 5:07 PM

नईदिल्ली / बीजेपी सांसद कीर्ति आज़ाद ने रविवार को डीडीसीए में भ्रष्टाचार पर बड़ा खुलासा किया। हम आपको इस कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी अब तक की जांच और तथ्यों के बारे में जानकारी दे रहे हैं:
कॉर्पोरेट अफ़ेयर्स मंत्रालय के सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) की जांच के मुताबिक...
फ़िरोज़शाह कोटला स्टेडियम 2002 से 2007 के बीच क़रीब पांच साल में बना... इसका शुरुआती बजट 24 करोड़ था, लेकिन बाद में इसमें 114 करोड़ का खर्च आया...
स्टेडियम के निर्माण के लिए जो ठेके दिए गए उसके सही उचित रिकॉर्ड नहीं हैं
एमसीडी और दिल्ली अर्बन आर्ट्स कमीशन की इजाज़त के बिना ग़ैर क़ानूनी निर्माण किया गया...
DDCA की इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक...
भारी वित्तीय अनियमितताओं के सबूत
2013-14 में कुछ कंपनियों को फ़र्ज़ी और ग़ैर क़ानूनी पेमेंट दिए गए
DDCA ओवरस्टाफ्ड है... काफ़ी पैसा अनावश्यक कर्मचारियों पर खर्च किया गया
ओवरटाइम के तौर पर बड़े पैमाने पर पैसा दिया गया
नौ फर्मों को पेमेंट किया गया... जांच में पता चला कि इन सभी का रजिस्टर्ड ऑफ़िस एक ही था, एक ही ईमेल आईडी था, सब में वही डायरेक्टर थे...
डुप्लीकेट बिल दिए गए और पेमेंट की झूठी वजह बताई गईं
ऐसी कंपनियों को पेमेंट किया गया, जिन्होंने कभी कोई काम नहीं किया, जिन्हें कोई काम नहीं दिया गया
हाइकोर्ट की ओर से नियुक्त पैनल ने कहा
DDCA के कामकाज में पारदर्शिता की भारी कमी है
सदस्य डीडीसीए के नीचे ग़ैरक़ानूनी तौर पर निजी क्रिकेट एकेडमी चला रहे थे और पैसा बना रहे थे...
DDCA के मुक़ाबलों में छात्रों और असली खिलाड़ियों के हिस्सा लेने का कोई स्कोप नहीं था...
'कोई गड़बड़ी नहीं' (DDCA की सफ़ाई)
जेटली के रहते कोई घोटाला नहीं
हम कुछ भी नहीं छुपा रहे
स्टेडियम बनाने में 114 करोड़ लगे
फ़्लड लाइट लगाने में 1.16 करोड़ ख़र्च
मुंबई, चेन्नई के स्टेडियम 300 करोड़ में बने
दूसरों के मुक़ाबले कम ख़र्च में काम
स्टैंडर्ड, मल्टीनेशनल कंपनी ने काम किए
कॉर्पोरेट बॉक्स से हमने पैसे जुटाए
कॉर्पोरेट बॉक्स से करीब 35 करोड़ मिले

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