Friday, 22nd September 2017

7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट 19 को, 15 फीसद वेतनवृद्धि

Tue, Nov 17, 2015 6:01 PM

50 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों और 54 लाख पेंशनधारियों को मिलेगा फ़ायदा 
नई दिल्ली। सातवें वेतन आयोग द्वारा केंद्रीय कर्मचारियों और पेशनधारकों के वेतन में 15 प्रतिशत वृद्ध‍ि का प्रस्‍ताव किए जाने की उम्‍मीद है। सूत्रों ने  बताया कि सातवां वेतन आयोग 19 नवंबर को अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंपेगा। अगर कैबिनेट इसे मंजूरी देती है तो एक जनवरी 2016 को आयोग की सिफ़ारिशें लागू हो जाएंगी।
सिफ़ारिशों का फ़ायदा 50 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों और 54 लाख पेंशनधारियों को मिलेगा। इससे कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, वेतन आयोग ने रिटायरमेंट की उम्र की सीमा को नहीं बदला है।सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट 19 नवंबर को सबमिट की जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें 15 फीसदी वेतनवृद्धि की सिफारिश की गई है।
सातवें वेतन आयोग के तहत सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन होना है।सातवें वेतन आयोग का मानना है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों के वेतन में हुई शानदार बढ़ोतरी के बाद अब वैसी वृद्घि की गुंजाइश नहीं है।
वेतन आयोग एक महत्वपूर्ण सिफारिश यह करने जा रहा है। आयोग चाहता है कि सरकारी कर्मचारियों का अधिकतम सेवाकाल 33 साल तय किया जाए। इसका मतलब यह होगा कि यदि कोई कर्मचारी 20 साल में सरकारी नौकरी शुरू करता है तो वह 53 साल की उम्र में रिटायर हो जाएगा। बाकी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्त की आयु 60 साल ही रहेगी।
आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ेगी
7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर आर्थिक विकास की रफ्तार बढ़ेगी। विश्लेषकों को तो कम से कम ऐसा ही लगता है।  दरअसल, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से साल 2008 की मंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था को महफूज रखने में बहुत मदद मिली थी।
बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के मुताबिक, छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के नतीजे में वेतन बढ़ने के कारण टू-व्हीलर और कारों की बिक्री बढ़ी थी।छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों का वेतन औसतन 35 फीसदी बढ़ गया था।
इसके अलावा उन्हें अक्टूबर 2008 में छठे वेतन आयोग की सिफारिशें देर से लागू होने के कारण 30 महीने से ज्यादा का एरियर भी मिला था। इस वजह से बाजार में तकरीबन सभी चीजों की मांग बढ़ गई थी, जिसके कारण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई।
एक रिपोर्ट में बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच के इंद्रनील सेन गुप्ता के हवाले से बताया गया है कि 15 फीसदी वेतन वृद्घि से केंद्र सरकार के सेलरी बिल में 25,000 करोड़ रुपए का इजाफा होगा, जो सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) का 0.2 फीसदी है। इसकी बदौलत खपत बढ़ेगी, जिससे घरेलू अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिलेगी।
मकान की मांगबैंक ऑफ अमेरिका मेरिल-लिंच का अनुमान है कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक वेतन वृद्घि की बदौलत सब्सिडी वाली कारें और हाउजिंग लोन में दोगुनी बढ़ोतरी होगी। इस वजह से वाहनों और मकानों की मांग बढ़ेगी।
क्रेडिट सुईस के मुताबिक, भारत का एक-तिहाई मध्य वर्ग सरकारी नौकरी में है। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद डिस्क्रेशनरी (विवेकाधीन या गैर-जरूरी) खर्च बढ़ेगा। टायर 3 और टायर 4 शहरों में रियल एस्टेट मार्केट जोर पकड़ेगा। इन शहरों में 50-60 फीसदी मध्य वर्ग के लोग रहते हैं।

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