Tuesday, 19th September 2017

नोट की छपाई पर 7965 करोड़ रुपये का खर्च अभी भी 8900 करोड़ नहीं लौटे

Wed, Aug 30, 2017 6:58 PM

नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने करेंसी मैनेजमेंट को लेकर सालाना रिपोर्ट जारी की है। जिसमें नोटबंदी के दौरान के भी आंकड़े जारी किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 89 मिलियन यानी 8900 करोड़ रुपये के वैल्यू के बराबर 1000 रुपये के नोट आरबीआई में जमा नहीं हुए।आरबीआई की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया है कि नए नोट की छपाई पर 7965 करोड़ रुपये का खर्ख आया है। वहीं 4 नवंबर को नोटबंदी के समय जितने करेंसी थी, उसका 74% करेंसी सिस्टम में वापस डाला गया।आरबीआई के अनुसार, 31 मार्च तक 13 लाख करोड़ करेंसी सिस्टम में वापस पहले से 20 फीसदी कम थी।नोटबंदी के दौरान मार्केट में 15 लाख 44 हजार करोड़ रुपए थे, जिसमे से 15 लाख 28 हजार करोड़ रुपए वापस आ गए। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ (1.3 फीसदी) 8 हजार 900 करोड़ रुपए के 1000 के नोट वापस नहीं आए हैं। सरकार का अनुमान था कि नोटबंदी के बाद करीब 3 लाख करोड़ रुपए के नोट वापस नहीं आएंगे, लेकिन सरकार का अनुमान बिल्कुल गलत निकला। मतलब साफ है सारा काला धन सफेद हो गया।
रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के बाद नये नोटों की छपाई से वर्ष 2016-17 में नोटों की छपाई की लागत दोगुनी होकर 7,965 करोड़ रुपये हो गई जो 2015-16 में 3,421 करोड़ रुपये थी। नोटबंदी के बाद बैंकिंग सिस्टम में नोटों का सर्कुलेशन 20.2 फीसदी (YoY) घटा है। इस साल सर्कुलेशन में नोटों की वैल्यू 13.1 लाख करोड़ है जबकि पिछले साल (मार्च) यह 16.4 लाख करोड़ थी।आरबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक बैंकिंग सिस्टम में मार्च 2017 तक 7,62,072 नकली नोट पकड़े गए। सबसे बड़ी चिंता की बात 2000 और 500 रुपये की नई डिजाइन के भी नकली नोटों के सामने आने की है। आरबीआई के मुताबिक 2000 रुपये के नोट की नई डिजाइन के 638, और 500 रुपये के नोट की नई डिजाइन के 199 नकली नोट पकड़े गए।

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

29 %
10 %
60 %
Total Hits : 75789