Wednesday, 22nd November 2017

रेल हादसों की एक बड़ी वज़ह , स्टाफ की कमी

Wed, Aug 30, 2017 6:50 PM

नईदिल्ली : एक अंग्रेजी अखबार ने  रेल हादसों की एक बड़ी वज़ह स्टाफ की कमी को बताया है | इसके मुताबिक रेलवे के पास रेल ट्रैक के रखरखाव के लिए पर्याप्त मात्रा में कर्मचारी (ट्रैकमैन) ही नहीं हैं.ख़बर के अनुसार रेलवे को इस वक़्त क़रीब 2,71,272 ट्रैकमैन की ज़रूरत है. लेकिन उसके पास हैं सिर्फ 2,17,764. यानी 53,508 की कमी. सूत्रों के मुताबिक रेलवे की अन्य शाखाओं में भी इसी तरह स्टाफ की कमी है. इसकी वज़ह से कर्मचारियों को ओवरटाइम काम करना पड़ रहा है. इस सिलसिले में फेडरेशन ऑफ रेलवे ऑफिसर्स ने रेलवे बोर्ड को पिछले हफ्ते एक पत्र भी लिखा है. इस बताया गया है कि रेलवे की तमाम शाखाओं का स्टाफ तनावपूर्ण हालात में काम कर रहा है. सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली शाखाओं में ही 15-20 फीसदी स्टाफ कम है. सूत्र यह भी बताते हैं कि हाल में ही रेलवे बोर्ड के नए अध्यक्ष अश्विनी लोहानी के साथ हुई बैठक में भी स्टाफ की कमी का मसला उठा है. इसे गंभीर मानते हुए उन्होंने तुरंत नई नियुक्तियां करने का निर्देेश दिया है. ख़ासतौर पर ट्रैकमैन की कमी को जल्द पूरा करने के लिए कहा गया है.
ग़ौरतलब है कि दूरंतो एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना अकेली नहीं है. बीती 25 अगस्त को ही मुंबई में हार्बर लाइन की सीएसएमटी-अंधेरी लोकल ट्रेन के चार डिब्बे से पटरी से उतर गए. इस दुर्घटना में पांच लोग घायल हुए. इससे पहले 19 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इस घटना में 22 लोग मारे गए थे. जबकि 156 के करीब घायल हुए थे. जबकि 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश में ही औरैया के पास आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस के नौ डिब्बे पटरी से उतर गए थे. इस हादसे में 70 लोग घायल हो गए थे.

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