Tuesday, 19th September 2017

क्रीमीलेयर बढ़ाने का कांग्रेस ने किया विरोध

Wed, Aug 23, 2017 10:04 PM

- महेंद्र नारायण सिंह यादव -

ओबीसी का कोटा अभी तक केवल 12 प्रतिशत भरे जाने की स्थिति के बीच, अब ओबीसी की दो श्रेणियाँ बनाई जा रही हैं, और क्रीमीलेयर की सीमा भी 6 से बढ़ाकर केवल 8 लाख की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी इस पूरे मसले पर आत्मघाती रवैया अपना रही है।

कांग्रेस ने ये जानते हुए भी कि सरकारी कर्मचारियों के लिए ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह से लागू किया ही नहीं गया है, और महंगाई को देखते हुए 8 लाख की क्रीमीलेयर बहुत कम है, उसने क्रीमीलेयर बढ़ाए जाने का ही विरोध कर डाला है।

कांग्रेस की दिशाहीनता और विचारहीनता का इसी बात से पता चलता है कि वह सोच रही है कि क्रीमीलेयर को बढ़ाने का विरोध करके वह भाजपा के लिए प्रतिबद्ध हो चुके सवर्ण मतदाताओं को लुभा लेगी। खुद राहुल गांधी जहाँ कांग्रेस का ओबीसी तबके के बीच विस्तार के इच्छुक हैं, वहीं क्रीमीलेयर का विरोध करके कांग्रेसी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि क्रीमीलेयर की सीमा बढ़ाते रहने से गरीबों के बच्चे आरक्षण से वंचित रह सकते हैं, इसलिए सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता से मंथन करने की जरूरत है।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आज सरकार के इस फैसले के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संवाददाताओं से कहा कि क्रीमी लेयर के बारे में उच्चतम न्यायालय ने अपने निर्णय में जो परिकल्पना की थी उसका लक्ष्य था कि जो सबसे गरीब हैं, जो सबसे जरुरतमंद हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और जो सबसे ज्यादा पिछड़े हैं उनको आरक्षण का लाभ मिले।
       उन्होंने कहा कि एक तरफ आप कह रहे हैं कि हम आरक्षण के भीतर आरक्षण करना चाहते हैं और दूसरी तरफ आप  क्रीमी लेयर को  8 लाख रूपये सालाना कर रहे हैं। ये किस प्रकार की विडंबना है क्या ये साबित नहीं करता कि भारतीय जनता पार्टी केवल आरक्षण से छेड़छाड़ तो कर रही है। परंतु जो सही मायनों में पिछड़े और गरीब हैं आप अगर क्रीमी लेयर की सीमा को बढ़ाते जाएंगे तो इस वर्ग के गरीबों के बच्चों को आरक्षण का लाभ कैसे मिलेगा 
बाकी आरक्षण के अंदर आरक्षण के फैसले के बारे में ओबीसी विरोधी नेता  श्री सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस संबंधित अध्यादेश का गंभीरता से अध्ययन करने के बाद उस पर टिप्पणी करेगी।
       इससे पहले आज केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अन्य पिछड़ा वर्गो (ओबीसी)की श्रेणी में  क्रीमी लेयर की सीमा को प्रति वर्ष 8 लाख रूपये करने को मंजूरी प्रदान कर दी । यह सीमा केंद्रीय सरकारी नौकरियों में वर्तमान में 6 लाख रूपये प्रति वर्ष है । 
      वित्त मंत्री अरूण जेटली ने केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले के बारे में बताया कि ओबीसी श्रेणी में 8 लाख रूपये तक प्रति वर्ष आमदनी वालों को आरक्षण का लाभ मिलेगा ।  

ध्यान रहे कि सांसद लक्ष्मी नारायण यादव और तमाम प्रमुख ओबीसी नेता क्रीमीलेयर की सीमा को हटाए जाने या कम से कम 15 लाख रुपए सालाना करने की माँग करते रहे हैं, लेकिन सरकार ने इसे केवल 6 लाख रुपए ही किया है, जो कि सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को देेखते हुए काफी कम है।

 

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