Tuesday, 19th September 2017

मंदसौर का सच आने लगा सामने

Fri, Jun 9, 2017 12:46 PM

मध्य प्रदेश में मंदसौर में किसानों की गोलियों से हत्या के बारे में अब सच सामने आने लगा है। पहला सच तो यही है कि मरने वालों की संख्या 5 या 6 नहीं, बल्कि 13 से ज्यादा है। दूसरा सच ये है कि गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने बयान से पलटी मारी है, उसके पीछे उनकी मजबूरी थी। पहले भूपेंद्र सिंह ने कहा था कि किसानों पर पुलिस ने गोलियाँ चलाई ही नहीं, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि किसानों की मौत पुलिस की गोली से हुई। 

भूपेंद्र सिंह की ये स्वीकारोक्ति उनको पद से हटाने के लिए काफी है। बहरहाल, हर तरफ से पुख्ता सबूत मिल गए थे कि किसानों को पुलिस ने ही मारा और काफी नजदीक से मारा जिसके बाद किरकिरी से बचने के लिए भूपेंद्र सिंह ने स्वीकारोक्ति कर ली और सारा दोष पुलिस अधीक्षक और एसपी पर डाल दिया।

दरअसल, मारे गए किसानों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ये खुलासा हो चला है कि किसानों की मौत पुलिस की गोलियों से हुई है। मारे गए किसानों की लाशों से इंसास राइफल से चली गोलियां निकली हैं। ये राइफल सीआरपीएफ और पुलिस ही इस्तेमाल करती है।

पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि गोलियां ज्यादा दूर से नहीं मारी गईं। मध्य प्रदेश सरकार पूरी जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह सचिव को दे चुकी है।

दैनिक भास्कर ने लिखा है कि पीएमओ की ओर से अभी तक लिखित में कोई जानकारी नहीं मांगी गई।

उधर, मंदसौर से भड़का किसान आंदोलन अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैलता जा रहा है। नाराज किसान और उनके समर्थन में उतरे युवा कई जगह अधिकारियों को पकड़-पकड़कर पीटने लगे हैं। किसानों ने गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह तो तुरंत हटाने की मांग की है। इंदौर के किसानों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से इस्तीफे और ग़हमंत्री भूपेंद्र सिंह की गिरफ्तारी की मांग की है।

इस बीच भाजपा और आरएसएस अपने किसान संगठन भारतीय किसान संघ के आंदोलन से अलग होने की स्थिति की नुकसान पूरा करने में जुटी है। संघ ने अब किसान संघ से जुड़े रहे शिवकुमार शर्मा को पूरे किसान आंदोलन का अगुवा बताना शुरू कर दिया है। इसके पीछे सोच यह है कि शिवकुमार शर्मा अगर नेता बनकर उभरेंगे तो उन्हें संघ से पुराने संबंधों का वास्ता देकर फिर से अपने साथ लिया जा सकता है।

इस बीच, मंदसौर में 7 जून को हुई हिंसा में घायल एक और किसान की इंदौर के अस्पताल में मौत हो गई है। घनश्याम को लाठियों से चोट लगी थी। मंदसौर में पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत से बने तनाव के बीच कर्फ्यू में ढील गई है। सुबह 10 बजे से शाम के 6 बजे तक शहरी इलाकों में कर्फ़्यू हटाया गया है, लेकिन धारा 144 लागू रहेगी।

 

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

29 %
10 %
60 %
Total Hits : 75789