Tuesday, 19th September 2017

मंदसौर में 6 नहीं, ज्यादा किसान मरे हैं: शरद यादव

Thu, Jun 8, 2017 10:10 PM

मंदसौर में तकरीबन सारे अखबारों, टीवी चैनलों और न्यूज़ पोर्टलों ने मंदसौर में 5 या 6 किसानों के मारे जााने की खबर दी है। केवल newslive24.in ने ही खबर दी थी कि करीब 13 किसान मारे गए हैं, और कई किसान लापता हैं। आज जनता दल यू नेता शरद यादव ने भी इस बात की पुष्टि की और कहा कि सरकार मरने वाले किसानों की संख्या छिपा रही है और मंदसौर में 5 या 6 नहीं, ज्यादा किसान मरे हैं।

समाचार एजेंसी एनआई को दिए बयान में शरद यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार असलियत छिपा रही है। शरद ने कहा कि इस तरह का नरसंहार उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। सरकार पांच या छह किसानों की मौत की बात कर रही है, लेकिन उन्हें लगता है, हताहतों की तादाद कहीं ज्यादा है।  

शरद यादव आज किसानों से मिलने के लिए मंदसौर जा रहे थे, लेकिन उन्हें नीमच में ही पुलिस ने रोक दिया और आगे नहीं जाने दिया।  शरद यादव और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की पुलिस अफसरों से बहस भी हुई.

शिवराज सिंह चौहान ने जहां किसानों पर गोलीबारी की घटना की न्यायिक  जांच के आदेश दिए हैं, वहीं, कुख्यात हो चुके गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने अब मान लिया है कि किसानों को पुलिस ने ही गोली मारी थी। वे पहले कह रहे थे कि पुलिस ने गोली चलाई ही नहीं. भूपेंद्र सिंह वही मंत्री हैं जो विधानसभा में कह चुके हैं कि प्रदेश में किसान  भूत-प्रेतों के कारण मर रहे हैं, आत्महत्या का यही कारण है।

इस बीच पुलिस मंदसौर में किसानों के आंदोलन में भाग लेने वाले किसानों को गिरफ्तार करने में जुटी है। कम से कम 56 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 100 से ज्यादा को हिरासत में लिया गया है।
   मंदसौर शहर के चार पुलिस थाना इलाकों और जिले में पिपलिया मंडी में शाम चार बजे से छह बजे तक कफ्र्यू में दी गई दो घंटे की ढील शांतिपूर्वक रही और जिलाधीश ओ पी श्रीवास्तव ने कहा कि इसमें कल भी राहत दी जा सकती है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह ने कहा कि आगजनी और हिंसा से संबंधित अन्य अपराधों के लिए 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन करने के लिए 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  पुलिस ने 102 लोगों को भी हिरासत में लिया है।
   जिले में गोलीबारी में पांच किसानों के मारे जाने के बाद एसपी ओम प्रकाश त्रिपाठी का तबादला कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हिंसा की विभिन्न घटनाओं के संबंध में सात मामले दर्ज किए गए हैं।
   श्रीवास्तव के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि बरहेडा पंत इलाके में कल मंदसौर के पूर्व जिलाधीश एस के सिंह के साथ दुर्व्यवहार किए जाने के मामले में भी कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
   उन्होंने कहा कि पिपलिया मंडी के इंस्पेक्टर अनिल सिंह ठाकुर को किसानों पर गोलीबारी के संबंध में फील्ड ड्यूटी से हटा दिया गया है।
   राकेश चौधरी को नया टाउन इंस्पेक्टर बनाया गया है।
जारी भाषा हर्ष 

 

 

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