Tuesday, 19th September 2017

मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र में किसान भड़के, इंटरनेट सेवा बंद

Tue, Jun 6, 2017 3:10 PM


 मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है और अब किसान एकदम आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए उतर पड़े हैं। सरकार ने किसानों के आंदोलन को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। शिवराज सिंह चौहान पुलिस के जरिए लाठीचार्ज कराकर किसानों को प्रतिरोध करने के लिए मजबूर करने में सफल हो गए हैं, लेकिन किसानों की संख्या लगातार बढ़ती जाने के कारण शिवराज का दांव नाकाम होता जा रहा है।

अब तक सड़कों पर दूध बहा रहे और सब्जियाँ फेंक रहे किसान अब गुस्से से बेकाबू होने लगे हैं। कल रात उग्र किसानो ने मंदसौर के दलौदा में 1000 से ज्यादा आंदोलनकारियों ने रेलवे फाटक तोड़ दिया और पटरियां उखाड़ने की कोशिश की।

रात 11 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड़ा। नीमच, रतलाम, धार और मंदसौर के कई इलाकों में किसानों ने हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़कर हालात पर काबू में किए जिसके बाद आज सुबह प्रशासन ने इंटरनेट सेवा बंद कर दी और बल्क मैसेज पर रोक लगा दी है।

मंदसौर में गुस्साए किसानों ने दलौदा के पास रेलवे पटरी तक उखाड़ दी है  जिसकी वजह से ट्रेन यातायात में बाधा पड़ी है।

रेलवे स्टेशन पर हंगामा करने के बाद प्रदर्शनकारियों ने दलौदा में महू नीमच मार्ग पर जाम भी लगा दिया। पिपलिया मंडी में आगजनी की ख़बरें हैं जबकि जग्गाखेड़ी में मिल्क प्लांट को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा समर्थित किसानों को बहलाकर हड़ताल खत्म करने का ऐलान कराया था, लेकिन बाकी किसान संगठनों के दबाव में उन किसानों ने फिर से आंदोलन में शामिल होने का ऐलान क दिया है। एक गुट के हड़ताल वापस लेने के ऐलान से लगा था कि दूध सब्ज़ी जैसे चीज़ों की कमी खत्म होगी, लेकिन  आंदोलन में अगुवा भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मज़दूर संघ ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान करके शिवराज की मुसीबतें बढ़ा दी हैं।

मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला किया था, लेकिन आंदोलन में अगुवा भारतीय किसान यूनियन और राष्ट्रीय किसान मज़दूर संघ ने संघर्ष का रास्ता नहीं छोड़ने का ऐलान किया है।

हड़ताल खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  ट्विटर पर खुशी जताई थी, लेकिन साथ में उन्होंने किसानों की पिटाई को भी जायज ठहरा दिया था। इससे किसानों में गुस्सा भड़क गया।

मध्य प्रदेश के किसान अपनी उपज के वाजिब दाम दिलाने सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर एक जून से 10 जून तक आंदोलन पर हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि तीन-चार दिन में आठ रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से प्याज की खरीद शुरू हो जाएगी और इस महीने के अंत तक जारी रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि गर्मियों में, सरकार मूंग की दाल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदेगी।
इसी तरह से महाराष्ट्र में भी किसानों के प्रदर्शन का आज छठा दिन है। किसानों ने पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया है और साथ ही सरकारी दफ्तरों में ताला लगाओ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। किसानों के उग्र प्रदर्शन के चलते मुंबई में कई सब्जी विक्रेताओं के ट्रक रास्ते में ही अटक गए हैं और वो मुंबई नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे मायानगरी में सब्जी और फलों की कीमतों पर ज़बरदस्त असर पड़ा है।

हड़ताल की वजह से अब तक पूरे महाराष्ट्र में 10 लाख लीटर दूध के नुकसान का अनुमान है। किसानों के समर्थन में अब मुंबई के डब्बावाले भी आ गए हैं।  
किसानों ने नागपुर, नासिक, लातूर, कोल्हापुर और जलगांव में जमकर प्रदर्शन किया। लातूर में हज़ारों लीटर दूध सड़क पर बहाया गया। नागपुर में कई जगह सब्जियां सड़क पर फेंककर विरोध जताया गया। जलगांव में किसान नेताओं ने विरोध प्रदर्शन से पहले जबरदस्ती दुकाने बंद करवायीं। शिवसेना के नेता भी किसानों के साथ आंदोलन में शामिल हुए। नासिक में किसानों ने सड़क पर भजन कीर्तन और गरबा किया गया। पुणे में जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।

 

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