Monday, 25th September 2017

केशव मौर्य समर्थक सड़कों पर उतरे, लखनऊ में हंगामा

Sat, Mar 18, 2017 1:56 PM

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का फैसला करने में भाजपा हाईकमान के हाथ-पाँव फूलने लगे हैं। प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के सबसे मजबूत दावेदार केशव प्रसाद मौर्य किसी भी तरह से पीछे हटने को तैयार नहीं है। इस बीच खबरें आने लगी हैं कि मौर्य समर्थक उन्हें किनारे किए जाने की आशंका के बीच, सड़कों पर प्रदर्शन करने पर उतर आए हैं।

अब तक केंद्र की पहली पसंद माने जाने वाले रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा बदले हालात में खुद को मुख्यमंत्री पद की दौड़ से बाहर बताने लगे हैं। वैसे तो 18 मार्च शनिवार को लखनऊ में विधायक दल के नेता का चुनाव होना था, लेकिन अब लगता है कि इसमें और समय लग जाएगा। 

केशव प्रसाद मौर्य समर्थकों ने भाजपा को अंजाम भुगतने तक की चेतावनी दे डाली है। लखनऊ में तो भाजपा कार्यालय के सामने ही केशव समर्थकों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। समर्थक पूरा यूपी डोला- केशव केशव बोला के नारे लगा रहे हैं। 

इस बीच योगी आदित्यनाथ के समर्थक भी भाजपा कार्यालय पर हंगामा करने पहुँच गए हैं।

लखनऊ के अलावा केशव समर्थकों ने एटा में भी बड़ी संख्या में प्रदर्शन किया है। जुलूस केशव समर्थक महादीपक शाक्य के नेतृत्व में निकला जिसमें काफी संख्या में लोग शामिल थे।

बीजेपी नेता पीयूष शाक्य ने कहा है कि पिछडे समाज को भाजपा से जोड़ने में केशव प्रसाद मौर्य की बड़ी भूमिका रही है और उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाता है तो कुशवाहा और पिछड़ा वर्ग बसपा की तरह भाजपा को भी खत्म कर सकता है।

उधर योगी आदित्यनाथ के भी कुछ उत्साही समर्थकों ने गोरखपुर में प्रदर्शन किया है और उन्हें अपनी सीमा में रहने की हिदायत देने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने योगी को दिल्ली बुलवाया है।

अमित शाह अब केशव प्रसाद मौर्य को भी मनाने में लगे हैं, और कोशिश है कि वो ज्यादा बवाल न करें, और केंद्र में रेल राज्यमंत्री पद लेने के लिए तैयार हो जाएं। केशव समर्थक कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बनाते हैं तो रक्षा मंत्री का खाली पड़ा पद ही केशव के नए कद के लिए उचित होगा।

हालाँकि, विधायकों का बड़ी संख्या में समर्थन मिलने से केशव प्रसाद उत्साहित हैं, लेकिन पार्टी का आदेश मानने की बात वो बराबर कह रहे हैं। उनके समर्थकों को आशंका है कि वो एक सीमा तक ही विरोध जताएँगे और आखिरकार अमित शाह की बात मानकर चुप बैठ जाएंगे।

उधर, यूपी बीजेपी प्रभारी ओम माथुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी चर्चा की है। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू लखनऊ पहुँच चुके हैं जराँ बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक होनी है।

मुख्यमंत्री पद के एक और दावेदार श्रीकांत शर्मा अब पीछे हटते दिख रहे हैं, और उनकी निगाह नई सरकार में ठीक-ठाक मंत्रालय लेने पर ही टिकी है। शर्मा का कहना है, "मैं किसी दौड़ में नहीं हूं. क्षेत्र का विकास मेरी प्राथमिकता है। आपका अपना लोकतत्र है। आप किसी भी नाम पर चर्चा कर सकते हैं। जहां तक बीजेपी की बात है, तो आज विधायक दल की बैठक होगी और हमारे ऑब्ज़र्वर इसकी घोषणा करेंगे।"


केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी अपने नवनिर्वाचित विधायक बेटे पंकज सिंह के भविष्य को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से दूर रहना चाहते हैं। वो जानते हैं कि अगर वे खुद सीएम बने तो पंकज मंत्री नहीं बन पाएँगे, जबकि कोई और सीएम बना तो पंकज का मंत्री बनना तय हो जाएगा।

-Newslive24 Bureau

 

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