Sunday, 19th November 2017

रिंगिंग बेल्स का एमडी मोहित गोयल खुद को बता रहा था एमबीए , निकला महज आठवीं पास !

Sat, Feb 25, 2017 5:32 PM

 251 रुपए में स्मार्ट फोन बेचने में धोखाधड़ी करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स का एमडी मोहित गोयल महज आठवीं पास है. हालांकि लिंक्डइन के अपने प्रोफाइल में उसने खुद को एमिटी यूनिवर्सिटी से एमबीए और वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होल्डर बताया है. रिगिंग बेल्स कंपनी पिछले साल तब अचानक सुर्खियों में आई थी, जब इसके एमडी मोहित गोयल ने फ्रीडम 251 के नाम से सिर्फ 251 रुपए में फोन उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक गाजियाबाद की पुलिस ने जब मोहित गोयल को गिरफ्तार किया तो उसने पुलिस के सामने खुद को आठवीं क्लास तक ही पढ़ा लिखा बताया. पुलिस ने बताया है कि शुरुआत में उसने खुद को एमबीए डिग्री होल्डर बताया लेकिन बाद में कहने लगा कि वो सिर्फ आठवीं तक पढ़ा है और फेल होने की वजह से आगे की पढा़ई छोड़ दी.

यह भी पढ़ें :251 रुपये में स्मार्टफोन देने का दावा करने वाली रिंगिंग बेल कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप ,एमडी गिरफ्तार !


यूपी के शामली जिले में वो एक मिडिल क्लास फैमिली से आता है. बाजार में अपनी पैठ बनाने और कंपनी के एमडी के तौर पर नाम चमकाने के लिए उसने इंग्लिश स्पीकिंग का कोर्स किया. पुलिस ने कहा है कि अभी शुरुआती जांच में ये सब बातें पता चली हैं.
एमिटी के प्रवक्ता ने मोहित गोयल को अपना छात्र माना है लेकिन ये कंफर्म नहीं कर पाए कि उसने कहां तक पढ़ाई की है. गोयल को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया. उसके खिलाफ अयाम इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है.

शिकायतकर्ता अक्षय मल्होत्रा फ्रीडम 251 फोन के ड्रिस्ट्रीब्यूटर थे. मल्होत्रा ने कहा है कि मोहित गोयल ने उसके साथ 16 लाख की धोखाधड़ी की है. मोहित गोयल के खिलाफ धोखाधड़ी के कई और मामले दर्ज किए गए हैं. पिछले साल मार्च में बीजेपी सांसद किरीट सौमैया ने भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी. सौमैया ने इसे चिटफंड मामले की तरह धोखाधड़ी का सबसे बड़ा मामला बताया था.
पिछले साल गोयल और उसकी पत्नी धारणा गर्ग ने कंपनी के पदों से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद मोहित ने अपने भाई अनमोल को कंपनी का हेड बना दिया था. पुलिस ने बताया है कि बाद में उसने कंपनी बंद कर दी और उसके होर्डिंग्स भी सारे जगहों से हटा दिए.
पुलिस ने बताया है कि पूछताछ में उसने कहा है कि वो खूब पैसे कमाना चाहता था. एक दिन उसके नौकर ने उससे स्मार्टफोन मांगा. उसने स्मार्टफोन की कीमतों की पड़ताल करनी शुरू की.  उसने बताया कि इसी दौरान उसे पता चला कि एक अखबार की कीमत 82 रुपए होती है लेकिन वो 2 से 5 रुपए में बेची जाती है. उसने सोचा कि अगर वो करोड़ों लोगों में से आधे लोगों को भी कम कीमत फोन उपलब्ध करवा पाया तो वो करोड़पति बन सकता है.
उसे पता चला कि चीन और भारत में स्मार्टफोन की कीमतों में 300 फीसदी का अंतर आता है. जिसके बाद उसने ताइवान की एक कंपनी से संपर्क किया.
पुलिस ने बताया है कि पूछताछ में उसने कहा है कि लॉन्च के बाद उसे छह लाख फोन के ऑर्डर आए. 48 घंटों के बाद फोन ऑडर करने वालों की संख्या 25 लाख हो गई. पिछले एक साल में सिर्फ 72 हजार लोगों को फोन दिए गए जबकि लाखों लोगों से उसके एडवांस पैसे ले लिए गए थे. मोहित गोयल के खिलाफ जैसे ही कोई शिकायत करता वो उस ड्रिस्ट्रीब्यूटर के पैसे लौटा देता. लेकिन कुछ महीनों में ही कंपनी डूबने लगी, उसी दौरान उसने अपनेआप को कंपनी से अलग कर लिया.लॉन्च के वक्त मोहित गोयल ने डिजिटल इंडिया के सरकारी कार्यक्रम से जुड़ने की कोशिश की थी. लेकिन सरकार ने साफ कर दिया था कि इस फोन से उनका कोई लेना देना नहीं है.

Comments 0

Comment Now


Videos Gallery

Poll of the day

शिवराज सरकार किसानों को बर्बाद क्यों कर रही है?

32 %
9 %
58 %
Total Hits : 77414